प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्यूनी में महिला डाक्टर के न होने के कारण परिजनों को पुल पर ही प्रसूता का प्रसव करना पड़ा। हालांकि जच्चा और बच्चा दोनों स्वास्थ्य है। लेकिन इस घटना के बाद एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठने लगे है।
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प्रसव होने के बाद भी स्वास्थ्य सुविधा न मिलने के कारण परिजन जच्चा और बच्चे को घर ले गए। जानकारी के अनुसार मंगलवार की दोपहर वनिता देवी (26) पत्नी धनेश निवासी ग्राम ईशाली तहसील मोरी जिला उत्तरकाशी को प्रसव पीड़ा हुई।
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जिस पर धनेश पत्नी को लेकर किसी तरह शाम करीब चार बजे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। जहां महिला डाक्टर के न होने पर परिजनों को हिमाचल के रोहड़ू जाने की सलाह दी गई। इस पर धनेश गर्भवती पत्नी को लेकर नया बाजार के लिए चल दिया।
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रास्ते में वनिता की प्रसव पीड़ा बढ़ गई। दर्द से कराह रही वनिता झूला पुल पर ही बैठ गई। यह देख आसपास की महिलाएं वहां पहुंची। महिलाओं ने किसी तरह गर्भवती का पुल पर ही प्रसव कराया। महिला ने बच्ची को जन्म दिया। प्रसव होने के बाद स्वास्थ्य सुविधा न मिलने के कारण स्थानीय लोगों ने वाहन की व्यवस्था कर जच्चा और बच्चा को उनके घर भिजवाया दिया। महिला डाक्टर के न होने पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई।
विक्रम पंवार, भरत सिंह राणा, आदित्य पंवार, ओम प्रकाश, वीरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, प्रदीप, रमेश सिंह ने कहा कि दो साल से अस्पताल में महिला डाक्टर नहीं है। इसके चलते हमेशा गर्भवती महिलाओं की जान को खतरा बना रहता है। सीएमओ डॉ. टीसी पंत ने बताया कि प्रदेशभर में डाक्टरों की कमी बनी हुई है। फिर भी त्यूनी में महिला डाक्टर की तैनाती की कोशिश की जाएगी।