दून अस्पताल में फेरी वाले खुलेआम घूमते रहते हैं। अस्पताल के गार्ड इसपर कोई रोक नहीं लगाते। बुधवार को दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने अस्पताल का निरीक्षण किया तो 12 नंबर वार्ड में एक महिला कपड़े बेचते मिली। प्राचार्य ने इस महिला को बाहर करवाया और गार्ड को ऐसे लोगों को अस्पताल में प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए।
डॉ. आशुतोष सयाना ने बुधवार को अस्पताल की इमरजेंसी सहित अन्य वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान लाइन ऑफ ट्रीटमेंट देखा और सभी डॉक्टरों को निर्देश दिए कि मरीजों के इलाज में लापरवाही न बरतें। डॉ. सयाना सभी मरीजों से मिले और उनका हाल जाना। कुछ मरीजों ने स्टाफ के व्यवहार को लेकर शिकायत भी की और कुछ मरीजों ने इलाज सही न मिलने की समस्या भी रखी। डॉ. सयाना ने सभी मरीजों के बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों को निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान अधिकतर स्टाफ ड्यूटी पर एप्रेन नहीं पहने थे। प्राइवेट वार्ड में स्टाफ सो रहा था। वार्ड तीमारदारों से भरे थे। एक मरीज के साथ चार-चार तीमारदार बैठे थे। इमरजेंसी में बाहरी लोगों की बेवजह आवाजाही थी। इन सब अव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए डॉ. सयाना ने निर्देशित किया।
अस्पताल में बनेगा आई बैंक
डॉ. सयाना ने बताया कि मल्टी ड्रग्स रजिस्टेंट टीबी वार्ड बनाने की तैयारी चल रही है। जल्दी यह वार्ड शुरू कर दिया जाएगा। टीबी वार्ड में 15 बेड उपलब्ध हैं। आठ बेड बढ़ने से कुल 33 बेड हो जाएंगे। सभी विभागों के स्टोरों में पुराने सामान रखें हैं जो उपयोग के नहीं हैं ऐसे में सभी स्टोर खाली करवाने की बात कही गई है। इमरजेंसी में सुबह नौ से 10 बजे तक सभी विभाग के डॉक्टर राउंड लें। जो मरीज रात में भर्ती हुए हैं उन्हें देखने के बाद स्थिति के मुताबिक वार्ड या आईसीयू में शिफ्ट किया जाए। डॉ. सयाना ने बताया कि अस्पताल में जल्द ही आई बैंक की स्थापना की जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार हो रहा है। छह महीने में आई बैंक की स्थापना हो जाएगी।