पिछले महीने हाथी के हमले में घायल हुई महिला की बृहस्पतिवार रात उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला का करीब 45 दिन से ऋषिकेश एम्स में इलाज चल रहा था। महिला की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बीती दस मार्च को बंदरजूड गांव निवासी कई महिलाएं राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में लकड़ी बीनने गई थीं। इसी दौरान इसराना पत्नी खुर्शीद और फातमा पत्नी हुसैन पर हाथी ने हमला कर दिया था।
शोर सुनकर महिलाओं ने भागकर जान बचाई थी। महिलाओं ने इसकी जानकारी गांव में आकर दी। इसके बाद ग्रामीण जंगल की और दौड़े, लेकिन तब तक हाथी ने फातमा को पटककर मौत के घाट उतार दिया।
हाथी के हमले में इसराना गंभीर घायल हो गई थी। ग्रामीणों ने आननफानन में उसे रुड़की स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां से चिकित्सकों ने उसे ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया था।
करीब 45 दिनों तक इलाज के बाद बृहस्पतिवार रात को इसराना की मौत हो गई। इसराना के भाई मुनफैत ने उसकी मौत की पुष्टि की है। वहीं, इसराना की मौत से पीड़ित परिवार का रो रोकर बुरा हाल है।