पिथौरागढ़ के पाभै गांव में बुधवार को आधी रात के बाद एक मकान में लगी आग में एक महिला जिंदा जल गई, जबकि मकान में रह रहे महिला के दो बच्चों ने किसी तरह बाहर निकलकर जान बचाई। राजस्व पुलिस की टीम ने रात में ही मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
राजस्व उपनिरीक्षक प्रकाश कापड़ी ने बताया कि पाभै गांव में जगत सिंह के तिमंजिला मकान में रात 12 बजे के बाद अचानक आग लग गई। जगत सिंह की पत्नी आनंदी देवी (41) मकान के तीसरी मंजिल में सोई थी। उनके सिर पर छत की जली हुई लकड़ी गिर गई और वह सोते समय ही आग में जल गई।
उनके दो बच्चे ललित और तनीशा दूसरी मंजिल में सोए थे। मकान में आग लगने का आभास होते ही दोनों बच्चे घर से बाहर निकल आए और गांव के अन्य लोगों को मौके पर बुलाया। आग बुझाने के लिए इस मकान तक फायरब्रिगेड का पहुंच पाना संभव नहीं था, क्योंकि मकान सड़क से काफी दूरी पर था।
राजस्व विभाग की टीम ने गांव वालों की मदद से बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे आग पर काबू पाया और मकान के अंदर से आनंदी देवी की जली हुई लाश बाहर निकाली। लाश को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय लाया गया है।
राजस्व विभाग की टीम में नायब तहसीलदार भरत शाही, राजस्व उपनिरीक्षक जितेंद्र बोनाल, भरत मेहता, शंकर कापड़ी आदि थे। बताया गया कि जगत सिंह बुधवार को घर नहीं थे और उनका बड़ा बेटा प्रकाश अपने मामा के घर भुरमुनी गांव गया था। राजस्व विभाग ने मकान को हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर उपजिलाधिकारी को सौंप दी है।