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उत्तराखंडः तेज हवा चलने से तीव्र गति से फैली जंगलों में आग, इसे बुझाने में छूट रहे टीम के पसीने

Sun, 12 May 2019 11:13 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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अमर उजाला
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हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर के पास जंगलों में शनिवार को आग लग गई। छह हेक्टेयर का क्षेत्र आग की भेंट चढ़ गया। तेज हवा की वजह से आग तीव्र गति से फैलती गई। इस वजह से राजाजी टाइगर रिजर्व की टीम को इसे बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वन विभाग ने आग को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग को हर स्थिति के लिए मुस्तैद रहने को कहा गया है। 

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लगातार बढ़ रही गर्मी का असर दिखने लगा है। शुक्रवार की शाम चली तेज आंधी के के बाद रात करीब 11 बजे मनसा देवी की पहाडिय़ों पर अचानक आग लग गई। तेज हवा चलने कारण तेज गति से क्षेत्र में फैलती चली गई। आनन फानन में पहुंची राजाजी टाइगर रिजर्व की टीम ने जैसे-तैसे आग पर दो बजे तक काबू पाया, लेकिन सुबह होते ही जंगल फिर से धू-धू कर धधक उठा। 

एक बार फिर राजाजी टाइगर रिजर्व की टीम तुरंत दौड़ी और आग बुझाने में जुट गई। सूरज की तपिश के साथ आग की तपिश और तेज हवा ने टीम की मुश्किल बढ़ा दी, लेकिन काफी मशक्कत के बाद शनिवार को दोपहर बाद तीन बजे तक आग पर काबू पाया जा सका। रेंजर शरणपाल सिंह कुंवर के मुताबिक टीम चार बजे बाद नीचे उतरी।
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निदेशक ने दिया पांच हजार का नकद पुरस्कार
वन विभाग की मुस्तैदी के कारण आग ज्यादा क्षेत्र में नहीं फैल सकी। टीम की मुस्तैदी के लिए राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक पीके पात्रो ने हरिद्वार रेंज की आग बुझाने वाली टीम को पांच हजार रुपए का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। 

हल्की बारिश से भी नहीं बुझी आग, जंगल के शीर्ष भाग तक पहुंची 

पीपलकोटी में बिरही रेंज के चीड़ के जंगलों में शनिवार को पांचवें दिन भी आग भड़की रही। आंधी-तूफान होने से आग चट्टानी भाग तक पहुंच गई है। आग से चारों ओर धुंध छा गई है। बिरही क्षेत्र में शनिवार को हल्की बारिश भी हुई, लेकिन बावजूद इसके आग नहीं बुझ पाई है। आग के जंगल के शीर्ष भाग तक पहुंच जाने के कारण वन विभाग के कर्मचारी भी आग को बुझा नहीं पा रहे हैं।

देवलगढ़ में मंदिर परिसर तक पहुंची आग
श्रीनगर में शनिवार को जंगल आग में जलते रहे।  देवलगढ़ के मंदिरों और स्कूल तक आग पहुंच गई। जिसको वन विभाग और स्थानीय लोगों की मदद से बुझाया गया। बस्ती के पास तक आग पहुंचने की वजह से लोगों ने शुक्रवार रात जागकर काटी। छह दिनों से अलकनंदा घाटी के जंगल आग की चपेट में हैं। शनिवार रात जीएसटी ऑफिस, एसएसबी फायरिंग रेंज समेत अन्य क्षेत्र आग में घिर गए। लोगों ने पुलिस, राजस्व विभाग और वन विभाग की मदद से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक जंगल राख हो चुके थे।
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जंगलों की आग कभी भी बस्ती के समीप पहुंच सकती है

वहीं शनिवार को देवलगढ़ क्षेत्र के अखाड़ा, नौली, भटोली व लांगू के जंगलों की आग राजराजेश्वरी मंदिर परिसर देवलगढ़ और प्राइमरी स्कूल तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि आग से बुरांश के पेड़ भी झुलस गए। राजराजेश्वरी मंदिर के पुजारी केपी उनियाल ने बताया कि तीन दिन से क्षेत्र में आग लगी हुई है। आग बुझाने में मंदिर में रह रहे लोगों और पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने भी मदद की। मंदिर परिसर के पास की आग बुझा ली गई है, लेकिन चट्टानी क्षेत्र में अभी भी आग लगी हुई है। इधर, श्रीकोट गंगानाली के ऊपर जंगलों की आग कभी भी बस्ती के समीप पहुंच सकती है। 

डांग में फायर बिग्रेड के वाहन के न जाने पर कोतवाल एनएस बिष्ट ने फायर एक्स्टींग्यूशर (अग्निशामक) सिलेंडर भेजे गए। डीएफओ सिविल सोयम संतराम का कहना है कि ज्यादातर क्षेत्रों में आग बुझा ली गई है। टीम लगातार आग बुझाने का काम कर रही है। लगभग ढाई हेक्टेअर जंगल आग से प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि एसएसबी फायरिंग रेंज में नियंत्रण के लिए लगाई गई आग फैल गई। जिससे काफी बड़ा क्षेत्रफल प्रभावित हुआ। डीएम डीएस गर्ब्याल ने बताया कि अग्नि प्रभावित क्षेत्रों में एसडीएम श्रीनगर नजर रखे हुए हैं। श्रीनगर तहसील के स्टाफ ने वन विभाग के साथ मिलकर आग बुझायी। 
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