कालागढ़ वन क्षेत्र की मैदावन रेंज में कार्बेट नेशनल पार्क के कपाट संख्या 26 में आग लगने से वहां खलबली मच गई है। यह आग कांडानाला, तैडिया, पांड होते हुए पालपुर, खगसगड़ी और बुगसगड़ी रौलों तक फैल गई। इसके अलावा गढ़वाल वन प्रभाग की दीवा रेंज भी पूरी तरह से आग की चपेट में आ गई है। कार्बेट पार्क में आग लगने की सूचना पाते ही वन विभाग की टीम वहां पहुंची।
तैडिया गांव निवासी सरोजनी ध्यानी, लोकानंद सिंह, राम सिंह व वीर सिंह ने बताया कि कार्बेट पार्क के कपाट संख्या 26 में लगी आग तैडिया, कांडानाला, पांड, पालपुर, खगसगड़ी और बुगसगड़ी रौलों तक फैल गई। इसकी सूचना उन्होंने वन विभाग को दी। इसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग ने आग पर काबू पाया। इसके अलावा गढ़वाल वन प्रभाग की दीवा रेंज भी पूरी तरह से आग की चपेट में आग गई। पिछले दिनों से लगातार रौंदड़ी, सकनेड़ी, भद्वाड़ और मंदाल पार क्षेत्र में आग फैली हुई है। उन्होंने वन विभाग से शीघ्र आग पर काबू पाने की मांग की है।
घनसाली बाजार के ऊपर भड़की आग, अफरा-तफरी
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भिलंगना के मुख्य बाजार घनसाली के ऊपर जंगलों में आग लगने से बैरियर चौक और तिलवाड़ा मार्ग पर पत्थर और पेड़ गिरने से अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। खतरे को देखते हुए पुलिस और वन कर्मियों को दुकानें बंद कर कुछ देर तक ट्रैफिक रोकना पड़ा।
भिलंगना ब्लॉक के जंगलों में एक सप्ताह से भीषण आग लगी है। वन विभाग आग पर काबू पाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। दिनभर जंगल सुलगने से क्षेत्र में छाई धुंध के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जंगल में भड़की आग मंगलवार को घनसाली बाजार के ऊपर पहुंच गई, जिससे बैरियर चौक के पास भारी मात्रा में पत्थर बरसने लगे। तिलवाड़ा मोटर मार्ग ग्रामीण बैंक की छत के ऊपर एक भारी भरकम चीड़ का पेड़ टूटकर गिर गया, जिसमें लोग बाल-बाल बचे।
पेड़ गिरने से मकान को क्षति पहुंची है। बाजार के ऊपर आग भड़कने के कारण पत्थर गिरने से बाजार में लोग इधर-उधर भागते रहे। वन कर्मी बढ़ती गरमी के कारण आग पर काबू पाने में विफल रहे। इस बाबत रेंज अधिकारी एसएस नेगी ने कहा कि विभाग की पूरी टीम कई दिनों से जंगल की आग बुझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन गर्मी अधिक होने के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। विभाग के पास पर्याप्त संसाधन और स्टाफ भी नहीं है।
कालोनी तक पहुंची जंगल की आग, अफरा-तफरी
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उत्तरकाशी में मंगलवार को जंगलों की आग कुटेटी देवी कालोनी एवं उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग तक पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई। हालांकि वन कर्मियों एवं दमकल के जवानों ने भारी मशक्कत कर आग पर काबू पा लिया। इस सीजन में जिले में अभी तक डेढ़ सौ हेक्टेयर से अधिक जंगल स्वाह हो चुके हैं।
बीते दो हफ्ते से जिले के जंगलों में आग लगी हुई है। सर्दियों में अपेक्षित बारिश और बर्फबारी नहीं होने के कारण जमीन से नमी गायब है और चीड़ की सूखी पत्तियां पीरूल आग में घी का काम कर रही है। यही कारण है कि भारी मशक्कत के बावजूद जंगलों में लगी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। दो दिनों से जिले के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाएं चलने से तेजी से फैल रही जंगलों की आग को काबू पाने में खासी मुश्किल आ रही है।
मंगलवार को मांडों एवं उजेली के पास के जंगलों में लगी आग बड़ी मुश्किल से बुझी। मुखेम रेंज के जंगल में लगी आग जल विद्युत निगम की कुटेटी देवी कालोनी तक पहुंचने से यहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे वन कर्मी एवं दमकल के जवानों ने भारी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। यहां उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर भी जंगलों की आग के घेरे में आने से थोड़ी देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
उधर, अपर यमुना वन प्रभाग में भी नंदगांव एवं पटांगड़ी के जंगल सुलग रहे हैं। सोमवार रात को कृष्णा गांव के पास भाटिया बैंड पर जंगल की आग के चलते एक पेड़ धराशायी होकर यमुनोत्री हाईवे पर जा गिरा, जिससे यहां करीब डेढ़ घंटे तक यातायात ठप रहने से तीर्थयात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वन प्रभाग के डीएफओ संदीप कुमार ने बताया कि इस फायर सीजन में अभी तक जिले में कुल 158.2 हेक्टेयर जंगल आग से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आग केवल निचली सतह पर ही फैल रही है। इससे पेड़ों और वन्य जीवों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है।