उत्तराखंड के पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक के तकुलसारी गांव में बुधवार शाम खेतों में घास काट रही दो महिलाओं पर जंगली सूअरों ने हमला बोल दिया। बुरी तरह जख्मी महिलाओं ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंच गए। देर शाम को महिलाओं के शव बीरोंखाल सामुदायिक अस्पताल में ले जाए गए हैं, जहां उनका पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
बुधवार शाम करीब चार बजे बीरोंखाल ब्लॉक के तकुलसारी गांव की दो महिलाएं सावित्री देवी (63) पत्नी दान सिंह और कल्पेश्वरी देवी (65) पत्नी हयात सिंह पास के खेतों में घास काटने गई थीं।
सूअरों ने फाड़ दिए गले और पेट
शव
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दोनों घास काट रहीं थी तभी अचानक जंगली सूअरों ने उन पर हमला कर दिया। प्रधान राजे सिंह रावत ने बताया कि हमला इतना घातक था कि महिलाओं के गले और पेट फाड़े हुए थे। शोरगुल सुनकर जब तक ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे तब तक दोनों महिलाओं ने दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों ने घटना की जानकारी राजस्व पुलिस, तहसील प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक को दी। विधायक तीरथ सिंह रावत ने दोनों महिलाओं के पोस्टमार्टम बीरोंखाल अस्पताल में ही कराने का आग्रह जिलाधिकारी से किया। डीएम ने एसडीएम एमडी जोशी को घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए।
पहली बार जंगली सूअरों के हमले से हुए मौत
मौत
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ब्लॉक प्रमुख कविता पोखिरियाल, भाजपा नेता मनमोहन सिंह रावत ने शासन प्रशासन से मृतक आश्रितों को मुआवजा दिए जाने की मांग की है। प्रधान राजे सिंह ने बताया कि देर शाम दोनों शव बीरोंखाल अस्पताल में पहुंचा दिए गए हैं। जंगली सुअरों के हमले से मौत का यह पहला मामला है।
ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के क्षेत्र में जंगली सूअरों के हमले में घायल होने के मामले तो सामने आए हैं, लेकिन घातक हमला पहली बार देखने सुनने को मिला है। ग्रामीणों ने इन जंगली सूअरों से स्कूली बच्चों को खतरा बताया है।