इसके बाद सूचना का अधिकार में मूल निवास राजस्व अभिलेखों में दर्ज होने के विषय में उत्तर मांगा, लेकिन प्रथम जांच में मूल निवास प्रमाणपत्र अभिलेखों में दर्ज नहीं पाया गया। द्वितीय जांच में अपर जिला अधिकारी ने भी कलक्ट्रेट कार्यालय हरिद्वार के अभिलेखों के अनुसार दर्ज नहीं पाया गया।
अनीता कुमारी ने पति के प्रमाणपत्रों की जांच कराते हुए उन्हें बर्खास्त करने, दंड के रूप में वेतन वसूलने और शिक्षा विभाग को गुमराह करने के लिए मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। फर्जी शिक्षकों की जांच एसआईटी कर रही है। विश्वेश्वर प्रताप सिंह के प्रमाणपत्र भी एसआईटी को भेज दिए गए हैं।