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तीन तलाक देने पर पत्नी ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, पीएम मोदी को खत लिखकर कही ये बात

Sat, 19 Jan 2019 10:10 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
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तीन तलाक के मामले में नए कानून मुस्लिम महिला (अधिकार एवं विवाह संरक्षण) अध्यादेश 2018 के तहत रुड़की में पहला मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने मामले में केवल पति को नामजद किया है हालांकि अभी गिरफ्तारी नहीं की गई है। पुलिस का दावा है कि अधिनियम की संपूर्ण जानकारी जुटाने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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तीन तलाक पर मुकदमा दर्ज होने के बाद शबाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री ने तीन तलाक पर जो कानून बनाया है, वह मुस्लिम महिलाओं के लिए इंसाफ दिलाने वाला है। जो महिलाएं तीन तलाक की तकलीफ से परेशान हैं, उन्हें इस कानून से इंसाफ मिल रहा है।

पुलिस के अनुसार, आजाद नगर निवासी शबाना परवीन पुत्र शरीफ अहमद की शादी वर्ष 2011 में मेहताब अली पुत्र मुनफैद निवासी 16/13 सकरी रोड, मोदीनगर जिला गाजियाबाद उत्तर प्रदेश से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद ससुराल में दहेज के लिए महिला का उत्पीड़न किया जाने लगा।
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इस दौरान महिला को एक बेटा भी हुआ। इसके बाद भी महिला पर ससुराल में अत्याचार होता रहा। इस पर महिला अपने मायके रुड़की आकर रहने लगी और महिला हेल्पलाइन में शिकायत की। इसके बाद महिला हेल्पलाइन में पति-पत्नी की काउंसलिंग हुई। 

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पति उसके साथ रहने को राजी हो गया और अपने साथ ले गया, लेकिन इसके बाद फिर से शबाना का उत्पीड़न शुरू हो गया। पति उसके साथ मारपीट करने लगा। लिहाजा महिला अपने पांच साल के बेटे के साथ मायके आ गई।

आरोप है कि दो जनवरी को मेहताब ससुराल पहुंचा और शबाना के साथ गालीगलौज कर मारपीट की। साथ ही तीन तलाक का नोटिस देकर जान से मारने की धमकी देकर चला गया। शबाना ने गंगनहर कोतवाली पहुंचकर पति के खिलाफ तीन तलाक का नोटिस देने, मारपीट और जान से मारने का आरोप लगाकर तहरीर दी।

कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि आरोपी मेहताब अली के खिलाफ मुस्लिम महिला (अधिकार एवं विवाह संरक्षण) अध्यादेश 2018 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल अभी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। अधिनियम की पूरी जानकारी जुटाने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।  
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