देशभर में तीन तलाक को लेकर छिड़ी बहस के बीच हरिद्वार के सुल्तानपुर की एक पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
मामले में ससुराल पक्ष सहित केंद्रीय कानून, महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक मंत्रालय और दारुल उलूम देवबंद को पक्षकार बनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर 16 फरवरी तक सभी पक्षकारों को तलब किया है। तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाला उत्तराखंड से यह पहला मामला है।
सुल्तानपुर निवासी मजहर हसन ने अपनी बेटी अतिया साबरी की शादी 25 मार्च 2012 में जसोदरपुर गांव निवासी वाजिद अली पुत्र नसीर अहमद के साथ की थी। अतिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि ससुराल पक्ष शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित कर रहा था। दो बेटियां सादिया और सना के पैदा होने पर उनका अत्याचार और बढ़ गया।