पुलिस ने जब तुलसी देवी से गहनता से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। तुलसी ने पुलिस को बताया कि उसका गांव के ही खिलाफ सिंह के साथ सात माह से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
जब पति को दोनों के बीच संबंध का पता चला तो दोनों ने उसे जान से मारने की योजना बनाई। तुलसी ने बताया कि 29 जुलाई की रात को जब गुड्डू अपने कमरे में सोया हुआ था तो खिलाफ सिंह कमरे में घुस और उसका गला दबाया। तुलसी ने उसके पैर पकड़े और दम घुटने से गुड्डू की मौत हो गई। साक्ष्य छिपाने के लिए उन्होंने रात को ही गांव से करीब एक किलोमीटर दूर उसके शव को चट्टान से खाई में फेंक दिया।
राजस्व पुलिस की टीम ने तुलसी देवी की निशानदेही पर खाई में शव की खोज की तो वहां एक मानव पैर का कंकाल पड़ा मिला, जिसे जांच के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। मंगलवार को राजस्व पुलिस ने तुलसी देवी और खिलाफ सिंह को गिरफ्तार कर जिला न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने 12 अक्टूबर तक उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया है।
राजस्व उपनिरीक्षक स्वरूप ने बताया कि तुलसी देवी का दस साल का बालक और छह साल की बेटी है। उसे राजस्व पुलिस ने गांव में उनके परिजनों के सुपुर्द किया। खिलाफ सिंह भी शादीशुदा है।