इसके बाद पांचों बाल अपचारियों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के आदेश पर बाल सुधार गृह हरिद्वार भेज दिया गया। एसओ नरेश सिंह राठौर ने बताया कि पांचों बाल अपचारियों के खिलाफ बोर्ड में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। पांचों के खिलाफ आईपीसी 376डी (गैंगरेप), आईपीसी 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) और पॉक्सो अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है।
बता दें कि घटना के वक्त सामने आया था कि आरोपियों ने घटना से पहले पोर्न फिल्म देखी थी। उसी से दुष्प्रेेरित होकर उन्होंने घटना को अंजाम दिया। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने इन सभी बच्चों को माता पिता के सुपुर्द करने से भी इंकार कर दिया था। बोर्ड का कहना था कि इस तरह के बच्चों की बाल सुधार ग़ृह में ही काउंसिलिंग हो सकती है। लिहाजा अभी तक वे बाल सुधार गृह में ही रह रहे हैं।