उत्तराखंड की एक विधानसभा सीट के साथ ऐसा संयोग जुड़ गया है कि जो पार्टी सीट जीतेगी, प्रदेश में उसकी ही सरकार बनेगी। इसे चाहे संयोग माने या चमत्कार, मगर हकीकत यही है कि जिस भी दल का प्रत्याशी उत्तरकाशी से जीता प्रदेश में उसकी ही सरकार बनती आई है।
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gangotri dham
- फोटो : AmarUjala
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश का हिस्सा रहने के समय से ही उत्तराखंड की उत्तरकाशी विधानसभा सीट प्रदेश की सरकार का भाग्य तय करती आई है। यह सिलसिला उत्तराखंड राज्य के अस्तित्व में आने के बाद भी बरकरार है। अब यह संयोग गंगोत्री विधानसभा सीट से जुड़ गया है, क्योंकि उत्तरकाशी इसी में है। उत्तरकाशी जिले में ही गंगा का उद्गम स्थल गंगोत्री है।
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congress rally
उत्तराखंड बनने से पहले का है संयोग
वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य के अस्तित्व में आने के बाद विधानसभा सीटों के परिसीमन से उत्तरकाशी विधानसभा क्षेत्र थत्यूड़ जौनपुर (टिहरी) सहित पुरोला, यमुनोत्री व गंगोत्री चार विधानसभा सीटों में विभाजित हो गया। गंगोत्री सीट में शामिल उत्तरकाशी को लेकर यह मिथक अब तक चला आ रहा है।
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भाजपा
- फोटो : AmarUjala
2002 में राज्य में हुए पहले विस चुनाव में कांग्रेस के विजयपाल सजवाण, 2007 में भाजपा के गोपाल रावत तथा 2012 में पुन: कांग्रेस के विजयपाल सजवाण के जीतने पर प्रदेश में उन्हीं की पार्टी की सरकार बनी। 2017 में देखना काबिलेगौर होगा कि यह संयोग बना रहता है, या कोई नया संयोग बनता है।
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bjp and congress
1958 से अब तक चला आ रहा है यह मिथक
उत्तरकाशी से जुड़ा यह संयोग उत्तराखंड बनने से पहले का है। पुराना रिकार्ड इसका गवाह है। 1958 में टिहरी जिले का हिस्सा रहे उत्तरकाशी से कांग्रेस के रामचंद्र उनियाल विधायक बने तो उत्तर प्रदेश (उत्तराखंड समेत) में कांग्रेस की ही सरकार बनी। 1962, 1974 तथा 1969 के मध्यावधि चुनाव सहित तीन बार कांग्रेस के कृष्ण सिंह विधायक बने तो प्रदेश में तीनों बार कांग्रेस की सरकार बनी।
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bjp logo
1974 में उत्तरकाशी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए घोषित होने पर यहां के कांग्रेस के दिग्गज नेता बलदेव सिंह आर्य विधायक बने तो प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। आपातकाल के बाद प्रदेश में हुए राजनैतिक उथल-पुथल के समय जनता पार्टी अस्तित्व में आई। इस बार उत्तरकाशी सीट से जनता पार्टी के बर्फियालाल जुवांठा चुनाव जीते तो प्रदेश में जनता पार्टी की सरकार बनी।
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गंगोत्री धाम
- फोटो : AmarUjala
निर्दलीय जीते, कांग्रेस में मिले तो भी ...
दिग्गज कांग्रेस नेता बलदेव सिंह आर्य टिकट कटने से 1980 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीते और बाद में वे कांग्रेस में शामिल हो गए तो इस बार भी प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। वे 1985 में भी उत्तरकाशी से पुन: कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी।
1989 में उत्तरकाशी से जनता दल के टिकट पर बर्फियालाल जुवांठा जीते तो प्रदेश में जनता दल की सरकार बन गई। 1991 में भाजपा के ज्ञानचंद जुवांठा को हराकर चुनाव जीते तो प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। 1993 में जुवांठा फिर समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक बने तो प्रदेश में सपा की सरकार बनी। इसके बाद 1996 में पुन: भाजपा के ज्ञानचंद चुनाव जीते और प्रदेश में भाजपा की सरकार बन गई।