मुख्य सचिव बनने के लिए कम से कम 30 वर्ष की सेवा अवधि होनी चाहिए। वरिष्ठता के हिसाब से देखें तो 1992 बैच के आईएएस आनंदबर्धन अकेले अफसर हैं, जो इस क्राइटेरिया को हासिल कर रहे हैं। उनका हाल ही में केंद्र में सचिव पद के सापेक्ष इम्पैनलमेंट भी हो गया है। हालांकि उनका कहना है कि वे यहीं सेवाएं देंगे। वर्तमान में आनंदबर्द्धन अपर मुख्य सचिव पद पर सेवाएं दे रहे हैं।
वरिष्ठता क्रम में 1997 बैच के प्रमुख सचिव एल फैनई और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आरके सुधांशु भी हैं। अभी ये अपर मुख्य सचिव पद के लिए पात्र होने वाले हैं। सरकार के पास विकल्प काफी सीमित हैं। उम्मीद की जा रही है कि इसी माह के आखिर तक अगले मुख्य सचिव के नाम से पर्दा हट जाएगा।