कोर्ट के आदेश के बाद उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों ने सरकारी आवास तो खाली करना शुरू दिया है, लेकिन आवासों का करीब 31.71 लाख रुपये बिजली का बिल अभी बकाया है।
सवाल यह है कि लाखों रुपये इस बिजली के बिल को कौन भरेगा? पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास आवंटित करने वाला राज्य संपत्ति विभाग और यूपीसीएल इसे एक दूसरे की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में दोनों ही विभागों द्वारा पूर्व मुख्यमंत्रियों को बकाया बिल जमा करने को नहीं कहा जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास आवंटित करने के विरोध में रूलक संस्था की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास खाली करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद राज्य संपत्ति विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास खाली करने का नोटिस जारी किया।
नोटिस के बाद पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों में तीन भगत सिंह कोश्यारी, बीसी खंडूड़ी और रमेश पोखरियाल निशंक ने अपना आवास खाली कर दिया, लेकिन एनडी तिवारी और विजय बहुगुणा अभी भी सरकारी आवास पर काबिज हैं।
पांचों पूर्व मुख्यमंत्रियों में से विजय बहुगुणा को छोड़कर अन्य चारों के आवास का भारी-भरकम बिजली का बिल बकाया है। अब यह बिजली का बिल कौन भरेगा? इसका जवाब न तो राज्य संपत्ति विभाग के पास है और न ही यूपीसीएल के पास। दोनों विभाग एक-दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास का बकाया बिल
भगत सिंह कोश्यारी - 10.79 लाख
बीसी खंडूड़ी - 4.56 लाख
एनडी तिवारी - 13.18 लाख
रमेश पोखरियाल निशंक - 3.18 लाख
(नोट: बकाये की राशि यूपीसीएल के रिकार्ड के मुताबिक)
कोश्यारी पहले ही कर चुके हैं मना
पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी पहले ही कह चुके हैं कि वह कोर्ट के आदेश पर आवास पर आवास खाली चुके हैं, लेकिन न तो वह बिजली का बिल देंगे और न ही किराया। उनके पास बिजली का बिल और किराया देने के लिए पैसा नहीं है। उनका कहना है कि आवास की जो सुविधा उपलब्ध कराई गई थी उसकी शर्त में बिजली के बिल और किराए का कोई उल्लेख नहीं था।
एनेक्सी हाउस का बकाया भी गले की फांस
एनेक्सी हाउस में कई मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं। इसका बिजली का बिल 27.34 लाख रुपये बकाया है। यह बिल कौन भरेगा आज तक तय नहीं हो पाया है। क्योंकि इसमें कुछ दिनों के लिए बीसी खंड़ूडी भी रहे तो रमेश पोखरियाल निशंक भी। विजय बहुगुणा भी एनेक्सी हाउस में रहे हैं। समस्या यह है कि इसमें मुख्यमंत्री भी रहे हैं और पूर्व मुख्यमंत्री भी।
मुख्यमंत्री के आवास का बिजली बिल सरकार की ओर से भरा जाता है। अभी यह तय ही नहीं हो पाया है कि किसके नाम पर कितना बिल है। वैसे यूपीसीएल के रिकार्ड में एनेक्सी हाउस के 27.34 लाख का बिजली का बिल पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के नाम पर बकाया है।
बिजली बिल की जिम्मेदारी यूपीसीएल की है। राज्य संपत्ति विभाग का उससे कोई लेना-देना नहीं है। यूपीसीएल की जिम्मेदारी किराए की है और इसके लिए नोटिस भी भेजा जा चुका है।
- विनय शंकर पांडेय, राज्य संपत्ति अधिकारी
पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास का कनेक्शन राज्य संपत्ति विभाग के नाम पर है। विभाग ने अगर आवास किसी को आवंटित कर रखा है तो वह उनसे किराया वसूले। इस संबंध में जल्द ही राज्य संपत्ति विभाग को पत्र भेजा जाएगा।
- पीसी ध्यानी, प्रवक्ता, यूपीसीएल