पता बदलते ही बदल गया कानून
दरअसल हजारों की संख्या में उत्तराखंड के लोग राज्य से बाहर जाकर रोजगार या काम धंधा कर रहे हैं। बाहर पांच-सात साल गुजार चुके लोग स्थानीय कारणों से अपने आधार कार्ड में स्थानीय पता दर्ज करा चुके हैं, जब प्रशासन ने ऐसे भूस्वामियों को ट्रेस किया तो आधार कार्ड में दर्ज पते से ही जांच की। इसके आधार पर ही यह तय किया कि कौन भूस्वामी राज्य का है, कौन राज्य से बाहर का निवासी। राज्य से बाहर का पता दर्ज होने के कारण बड़ी संख्या में राज्यवासियों के लिए नियम बदल गए और उन्हें स्थानीय दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर सफाई देनी पड़ी कि जिस जमीन पर सरकार कब्जा लेने की तैयारी कर रही है, दरअसल वह उनके पुरखों की जमीन है।
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भू कानून का उल्लंघन करने वालों की सूची के आधार पर सभी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है, राज्य से बाहर का निवासी साबित होने के बाद ही जमीन पर सरकार का कब्जा लिया जाएगा। -सविन बंसल, डीएम, देहरादून