भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट बताते हैं कि उस वक्त वह संघ में स्वयंसेवक थे। पार्टी से नहीं जुड़े थे। सुषमा स्वराज को सुनने के लिए वह रामलीला मैदान में पहुंचे। पूरा मैदान लोगों से भरा हुआ था। करीब 45 मिनट का उनका भाषण था। देश ने एक प्रखर वक्ता और ओजस्वी नेता को खो दिया है।
लगा नहीं, इतने बड़े नेता से मिले
भाजपा के कुमाऊं मीडिया प्रभारी तरुण बंसल बताते हैं कि करीब सात साल पहले विधायक बंशीधर भगत के साथ दिल्ली में सुषमा स्वराज से उनके आवास पर मिलने का अवसर मिला था, उस वक्त वह भाजपा में जिला महामंत्री के पद पर था। सुषमा स्वराज से मिलकर लगा ही नहीं कि वह देश के इतने बड़े नेता से मिले हैं, वह साधारण व्यक्ति की तरह मिली और हालचाल जाना। उनका जाना देश के लिए बड़ी क्षति है।