राजपुर थाना क्षेत्र में मई 2025 में हुए अजय बटेजा हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात शार्प शूटर और हिस्ट्रीशीटर जैकी उर्फ राजन को गिरफ्तार किया है। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे प्रॉपर्टी विवाद अहम कारण माना जा रहा है।
पुलिस ने खुलासा किया कि सौतेले भाई ने सुपारी देकर अजय की हत्या करवाई थी। सुपारी देने का आरोपी अमित बटेजा फिलहाल फरार है। दरअसल, 26 मई 2025 को जाखन स्थित कृष्णा विहार में अजय बटेजा की हत्या की गई थी। शुरुआत में यह मामला संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के रूप में सामने आया लेकिन शुरुआती जांच में ही पुलिस को हत्या का शक हुआ। पुलिस टीम ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से इस हत्याकांड की जांच को आगे बढ़ाया।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि मृतक अजय बटेजा के सौतेले भाई अमित बटेजा ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते जैकी उर्फ राजन को हत्या की सुपारी दी थी। बदले में जाखन स्थित संपत्ति में हिस्सा देने का लालच दिया गया था। साजिश के तहत आरोपी जैकी उर्फ राजन अपनी प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया के साथ देहरादून पहुंचा और घटना को अंजाम दिया।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अजय बटेजा को पहले शराब पिलाई और फिर तकिये से मुंह दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पंखे से लटकाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सका। मौके से सीसीटीवी की डीवीआर निकालकर आरोपी फरार हो गया था। करीब एक वर्ष तक जांच के बाद पुलिस ने गत 19 मई को मुजफ्फरनगर के खालापार क्षेत्र से जैकी को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में अमित बटेजा और हुमेरा उर्फ जोया अभी वांछित हैं, जिनकी तलाश जारी है। घटना का खुलासा करने वाली टीम को आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने पांच हजार और एसएसपी देहरादून ने 2500 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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सुपारी किलर के रूप में कुख्यात है जैकी
गिरफ्तार आरोपी जैकी उर्फ राजन सहारनपुर का हिस्ट्रीशीटर है और उस पर लूट, रंगदारी, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट और अवैध वसूली सहित दो दर्जन के करीब संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक वह सुपारी किलर के रूप में कुख्यात रहा है और पश्चिमी यूपी में कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है।
मेडिकल रिपोर्ट में गलती बनी बाधा
अजय बटेजा हत्याकांड के मामले में पुलिस को उपलब्ध कराई गई मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर गलतियां थीं। इस कारण शुरुआती जांच में पुलिस इसे संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मानती रही। दोबारा आई रिपोर्ट के बाद हत्या की दिशा में जांच शुरू हुई। इस कारण पुलिस को इस मामले का खुलासा करने में एक साल लग गया।
आरोपी युवती की तलाश में दबिश
इस हत्याकांड में फरार चल रही युवती हुमेरा उर्फ जोया की तलाश में दून पुलिस की टीमों ने पश्चिमी यूपी में उसके कई ठिकानों पर दबिश दी। बुधवार रात मुजफ्फरनगर के नगला राय में भी दबिश के लिए एक टीम पहुंची थी। उसके वहां होने की सूचना थी पर पुलिस के पहुंचने के पहले ही जोया वहां से फरार हो गई।