इधर, रेलवे प्रशासन की ओर से रुद्रप्रयाग पुलिस कंट्रोल रूप को घटना के बारे में बताया गया। पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने मंगलवार शाम थानाध्यक्ष होशियार सिंह पंखोली के नेतृत्व में 13 सदस्यीय रेस्क्यू टीम गठित की। बुधवार को देहरादून से भी एसडीआरएफ के छह जवान गुप्तकाशी पहुंचे। इन दोनों टीमों के 19 सदस्यों को पांच शिफ्टों में गुप्तकाशी से हेलीकॉप्टर से मद्महेश्वर के ऊपरी तरफ बूढ़ाकेदार हेलीपैड पर छोड़ा गया। उप जिलाधिकारी चौहान ने बताया कि 13 सदस्यीय पहला रेस्क्यू दल कातिनी तक पहुंच चुका है।
पांच लोग मद्महेश्वर पहुंचे
उप जिलाधिकारी चौहान ने बताया कि आशिकी ताल में फंसे 18 सदस्यीय दल में शामिल पांच लोग (तीन ट्रैकर और 2 पोर्टर) शाम 4 बजे तक मद्महेश्वर पहुंच चुके हैं। अब, आशिकी ताल में पांच ट्रैकर्स और 8 पोर्टर रह गए हैं।
दल में शामिल अन्य ट्रैकर्स
-सौमिक नंदी (34) पुत्र भूपाल चंद्र नंदी, निवासी बांसवेरिया, कुंड लेन, पीएस-मोगरा, जिला हुगली (प. बंगाल),
उत्पल शाह (45) पुत्र स्व. छोरी पदो शाह, निवासी शीतला तला, पीओ सापोईपारा, निश्चिदा हावड़ा, अनाथ बंधु जाना,
सौरव सिन्हा, सैकत मन्ना, संदीप सनुई, सकुमार, अनिन्ह्या शाहू।