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Uttarkashi: पश्चिम एशिया संघर्ष का पर्वतारोहण व ट्रैकिंग व्यवसाय पर असर, विदेशी समूहों ने पुरानी बुकिंग रोकी

Thu, 02 Apr 2026 09:54 AM IST
Renu Saklani संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी

सार

उत्तराकशी में पर्वतारोहण और ट्रेकिंग व्यवसाय के लिए मार्च माह तक पर्वतारोहण और ट्रैकिंग के लिए सबसे अधिक बुकिंग विदेशी लोगों की आती थी। हर साल दस हजार पर्वतारोही उत्तरकाशी आते हैं, लेकिन पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते पर्वतारोहण व ट्रैकिंग व्यवसाय पर पड़ा असर पड़ा है।

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ट्रैकिंग (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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गत एक माह से चल रहे अमेरिका-ईरान के युद्ध का असर पर्वतारोहण और ट्रेकिंग व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। ट्रेकिंग व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि मार्च माह तक विदेशी ग्रुपों की सबसे अधिक बुकिंग आती है लेकिन इस वर्ष अभी तक कोई बुकिंग नहीं आई है। जो पुरानी बुकिंग थी, उन्हें भी होल्ड पर रखा गया है।

गढ़वाल माउंटेनियरिंग ट्रेकिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा ने बताया कि मार्च माह तक पर्वतारोहण और ट्रैकिंग के लिए सबसे अधिक बुकिंग विदेशी लोगों की आती थी। इसमें सबसे अधिक इस्राइल, अमेरिका, यूके और यूरोपियन देशों से लोग पर्वतारोहण और ट्रैकिंग के लिए आते हैं लेकिन अभी तक इन देशों से किसी प्रकार की जानकारी के लिए भी संपर्क नहीं किया गया है।

राणा ने कहा कि विदेशी पर्वतारोहियों के आने के बाद देश के विभिन्न प्रदेशों से भी पर्वतारोही और ट्रैकर्स अच्छी संख्या में आते हैं। साथ ही प्रति वर्ष जनपद में करीब दस हजार से अधिक विदेशी पर्वतारोहण और ट्रैकिंग के लिए पहुंचते हैं।

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इस वर्ष प्रशासन की ओर से भी एक अप्रैल से पर्वतारोहण खोलने का आश्वासन दिया गया था। इससे उम्मीद थी कि इस वर्ष ट्रैकिंग में अच्छा व्यवसाय चलेगा लेकिन वैश्विक युद्ध के खतरे ने इस व्यवसाय पर संकट खड़ा कर दिया है।

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