उत्तरकाशी में बर्फबारी वाले इलाकों में लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। बृहस्पतिवार को उपला टकनौर क्षेत्र के सुक्की गांव निवासी जयदेव राणा की बरात को जिला मुख्यालय के निकट मानपुर गांव आना था। बुधवार रात भारी बर्फबारी होने से गंगोत्री हाईवे बर्फ से पट गया। बीआरओ के जवानों ने मशीनों की मदद से बर्फ साफ कर दोपहर 12 बजे सुक्की टॉप तक यातायात बहाल किया। तब जाकर बारात रवाना हुई।
उत्तरकाशी की कई सड़कें हुई अवरुद्ध
बुधवार रात हुई भारी बर्फबारी से यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत जिले की कई सड़कों पर यातायात प्रभावित हो गया है। गंगोत्री हाईवे डबराणी से आगे बर्फ से पट गया। बीआरओ ने झाला तक यातायात बहाल कर लिया है। हर्षिल-मुखबा मोटर मार्ग बर्फ से अवरुद्ध हैं। यमुनोत्री हाईवे पर फूलचट्टी से आगे बर्फ के कारण यातायात जोखिम भरा बना हुआ है।
जानकीचट्टी से खरसाली की सड़क बर्फ से अवरुद्ध है। खरसाली निवासी प्रमेश उनियाल, आशुतोष उनियाल, प्यारेलाल उनियाल आदि तीर्थ पुरोहितों ने बताया कि लोनिवि की जेसीबी जानकीचट्टी में खड़ी है, लेकिन ऑपरेटर नहीं होने के कारण सड़क नहीं खोली जा सकी है। लोनिवि के सहायक अभियंता राजेंद्र पाल ने बताया कि शीघ्र ऑपरेटर भेजकर सड़क खुलवाने का काम शुरू किया जा रहा है।
पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति हुई प्रभावित
बर्फबारी में कैद उपला टकनौर क्षेत्र के गांवों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो गई है। मुखबा आदि गांवों में बृहस्पतिवार तड़के से विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। कड़ाके की ठंड से पाइप लाइन में पानी जमने के कारण पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। धराली निवासी सचेंद्र पंवार, सुक्की गांव निवासी मोहन सिंह राणा ने बताया कि हर साल बर्फबारी के दौरान इस तरह की समस्याएं आती हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा कोई पूर्व तैयारी नहीं किए जाने की वजह से ग्रामीणों को परेशानी होती है।
सात ताल में फंसी फिल्म यूनिट लौटी
हर्षिल धराली क्षेत्र में बीते एक पखवाड़े से लाइफ लाइन फिल्म की शूटिंग कर रहे जेआर प्रोडक्शन की फिल्म यूनिट भारी बर्फबारी के बीच धराली के निकट सात ताल क्षेत्र में फंस गई। बुधवार रात को हुई भारी बर्फबारी के कारण यूनिट को शूटिंग बंद कर बृहस्पतिवार को लौटना पड़ा। सात ताल क्षेत्र में फिल्म की शूटिंग कर रहे यूनिट के सभी 22 सदस्य सुरक्षित धराली गांव लौट आए हैं।
मौसम केंद्र देहरादून के अनुसार, रुड़की, नारसन, खानपुर, भगवानपुर व बहदराबाद ब्लॉक में 25 और 26 नवंबर को क्रमश: 0.7, 0.8, 0.6, 0.6 एवं 0.7 मिमी बारिश की संभावना है। 25 नवंबर को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि या आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
बढ़ती ठंड के साथ ही कपड़ों के बाजार में गरमी आ गई है। बड़ी संख्या में लोग गर्म कपड़े खरीदने के लिए दुकानों का रुख कर रहे हैं। कारोबार बढ़ने से दुकानदारों के चेहरों पर रौनक आ गई है। पिछले कुछ दिनों से बादल छाने और तापमान गिरने से ठंड बढ़ गई है।
इसके साथ ही बाजार में गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ रही है। पिछले वर्ष बिक्री कम होने के कारण शुरू में दुकानदार ज्यादा माल नहीं लाए थे, लेकिन इस बार ठंडक जल्द शुरू होने के कारण गर्म कपड़ों को लाकर गोदाम में रख लिया गया है।
इस बार कोरोना के चलते दिल्ली के बजाय गर्म कपड़ों की आमद लुधियाना से हो रही है। गर्म कपड़ों के विक्रेता सन्नी, मिथुन व संजय प्रजापति आदि कहना है कि गर्म कपड़ों की बिक्री इस बार ज्यादा नजर आ रही है। इस समय शादी का सीजन चल रहा है। लिहाजा सूट और जैकेट की ज्यादा मांग है।
मौसम के बदले मिजाज के बीच क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों पर सीजन का दूसरा हिमपात हुआ, जिसके चलते पूरा इलाका कड़ाके की सर्दी की चपेट में है। चकराता का न्यूनतम पारा एक डिग्री पर जा पहुंचा है। बर्फ से लकदक ऊंची चोटियां पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं।
बीते बुधवार की रात को क्षेत्र में झमाझम बारिश हुई, जिसके बार देर रात साढ़े तीन बजे लोखंडी, मोयला टॉप, देवबन, खंडबा, मुंडाली, व्यास शिखर समेत ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। बृहस्पतिवार को भी दिनभर ठंडी हवाओं के बीच सूरज और बादलों की आंखमिचौली का खेल जारी रहा। ठंड के चलते चकराता का न्यूनतम पारा एक डिग्री पर जा पहुंचा है।
दिनभर लोग ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव और हीटर तापते नजर आए। शाम ढलते ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया। लोखंडी में तीन इंच और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में छह इंच बर्फ गिरने की सूचना है। वहीं विकासनगर और आसपास के इलाकों में भी दिनभर ठंडी हवाएं चलती रही, जिसके चलते लोग घरों में दुबके रहे। शाम के समय बाजार में भी कम चहल-पहल नजर आई।