वह रातभर वाहनों में ही हाईवे खुलने का इंतजार करते रहे। तो कई लोगों ने तिरपाल बिछाकर सड़क किनारे ही आराम किया। एनएच कार्यदायी संस्था रातभर हाईवे खोलने में जुटी रही और सुबह आठ बजे मलबा हटाकर हाईवे खोल दिया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई।
जिस पहाड़ी से बार-बार मलबा आ रहा है वह ऊपरी भाग में कई जगहों पर दरक गई है। पहाड़ी की दरारों में पानी भरने के बाद उसमें भूस्खलन हो रहा है। पांच जेसीबी की मदद से रातभर काम करने के बाद सुबह हाईवे यातायात के लिए खोल दिया है। पहाड़ी का ट्रीटमेंट करने के लिए इंजीनियरों की टीम अध्ययन कर रही है। जल्द ही हम इस स्थान पर स्थाई समाधान खोज लेंगे।
- शशिकांत मणि, अधिशासी अभियंता एनएचआईडीसीएल।