बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में दलदल में तब्दील हो गया है। यहां बदरीनाथ धाम जा रहे श्रद्धालुओं के वाहन फंस रहे हैं। बारिश होने पर चट्टान से भारी मात्रा में मलबा हाईवे पर आ रहा है, जिससे हाईवे बेहद संकरा हो गया है।
यहां अलकनंदा साइट ट्रीटमेंट कार्य तो हो रहा है, लेकिन भूस्खलन वाली चट्टान पर कोई कार्य नहीं हुआ है, जिससे बारिश होने पर यहां भूस्खलन थम नहीं रहा है। एनएच के ईई जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मौसम सामान्य होने पर लामबगड़ में हिल साइड अटके मलबे का निस्तारण किया जाएगा।
यहां करीब तीन सौ मीटर नई सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है, जिसके बाद यहां वाहनों की आवाजाही सुचारु हो जाएगी।
चमोली जिले में नौ सड़कें बंद, कई जगह पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त
चमोली जिले में भूस्खलन और बारिश से नौ संपर्क मार्ग बंद पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को लंबी दूरी पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। सोमवार को बदरीनाथ हाईवे दिनभर सुचारु रहा, जिससे वाहनों की आवाजाही होती रही। हाईवे पर पीपलकोटी और पाखी के बीच पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण ओएफसी (ऑप्टिकल फाइवर केबिल) क्षतिग्रस्त होने से जोशीमठ, दशोली और घाट क्षेत्र में दिनभर बीएसएनएल की सेवा ठप पड़ी रही।
घाट क्षेत्र के बिजार गांव में जल संस्थान की पेयजल लाइन अभी भी बंद पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। वहीं, कर्णप्रयाग क्षेत्र के कनखुल, कर्णप्रयाग व नारायणबगड़ में भी पेयजल लाइनें दो दिन से क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि जिले में बंद पड़ी सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है।