मौसम विभाग ने अगले दो दिन भारी बरसात की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर देहरादून डीएम एसए मुरुगेशन ने शनिवार को 1 से 12 तक के जिले के सभी शासकीय/गैर शासकीय स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश रहेगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र भेजकर आदेश पर अमल कराने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अगले 24 घंटे भारी बारिश की संभावना है। 1 एवं 2 सितंबर को नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और दून में बहुत भारी वर्षा की संभावना है।
चेतावनी के मद्देनजर जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने सभी उप जिलाधिकारियों, राजस्व उपनिरीक्षकों, ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों के साथ आईआरएस सिस्टम से जुड़े अधिकारियों, थानों, तहसीलों आदि को अपने संसाधनों के साथ अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपदा परिचालन केंद्र से संपर्क में रहने के भी निर्देश दिए हैं।
चमोली में शुक्रवार को रातभर हुई बारिश शनिवार की सुबह 8 बजे थमी। जिससे बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में फिर से अवरुद्ध हो गया। यात्री हाईवे खुलने का इंतज़ार कर रहे हैं।
यमुनोत्री हाईवे पर डबरकोट के पास में सुबह से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने से आवाजाही बंद हो गई है। दोनों तरफ कई वाहन फंसे हैं। यात्रियों को ओजरी-कुनसाला होकर निकाला जा रहा है। पुलिस प्रशासन की गैर मौजदूगी में इस खतरनाकर पैदल रास्ते से आवाजाही हो रही है।
वहीं बदरीनाथ हाईवे शुक्रवार को भी लामबगड़ में करीब चार घंटे तक अवरुद्ध रहा था। सुबह छह बजे चट्टान से मलबा आ जाने से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। करीब दस बजे हाईवे खुलने पर 432 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम और 325 तीर्थयात्री धाम में दर्शन के बाद अपने गंतव्य को लौटे।
शुक्रवार को सुुबह छह बजे जैसे ही बदरीनाथ धाम के यात्रा वाहन लामबगड़ में पहुंचे, तभी हाईवे पर मलबा आ जाने से गोविंदघाट पुलिस की ओर से वाहनों को रोक लिया गया। सुबह साढ़े छह बजे से मेकाफेरी कंपनी की जेसीबी मशीन से मलबा और बोल्डर हटाने का काम शुरू हुआ। लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में कार्य करना भी खतरनाक बना हुआ है। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद सुबह दस बजे हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया गया। तब यात्रा वाहनों को बदरीनाथ धाम के लिए रवाना किया गया, जो दोपहर बारह बजे तक बदरीनाथ धाम पहुंचे।