उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को मौसम ने अचानक करवट ली। केदारनाथ और गंगोत्री धाम सहित आसपास की चोटियों पर झमाझम बर्फबारी हुई, जबकि बदरीनाथ की ऊंची चोटियों पर भी हिमपात हुआ। यमुनोत्री धाम और निचले इलाकों में झमाझम बारिश से पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। खराब मौसम और बर्फबारी के चलते केदारनाथ में हेलीकॉप्टर सेवाएं कुछ घंटों के लिए प्रभावित रहीं। वहीं, गंगोत्री में सीजन की पहली बर्फबारी देखकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के चेहरे खिल उठे।
केदारनाथ धाम में तड़के तीन बजे से बारिश के साथ बर्फ की हल्की फुहारें गिरनी शुरू हो गई थीं। सुबह नौ बजे के आसपास झमाझम बर्फबारी हुई। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और बर्फबारी के बीच मंदिर परिसर जय बाबा केदार के जयकारों से गूंज उठा। खराब मौसम के कारण सुबह आठ बजे के बाद हेलीकॉप्टर उड़ानें रोकनी पड़ीं। इस दौरान करीब एक घंटे तक बिजली आपूर्ति और संचार नेटवर्क भी बाधित रहा। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बर्फबारी व बारिश थमने पर हेली सेवाएं दोबारा सुचारु हो सकीं।
बदरीनाथ में श्रद्धालुओं के लिए जलाए गए अलाव
मौसम में बदलाव के साथ बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने से धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। चमोली जिले के निचले इलाकों में भी दिनभर बादल छाए रहने से ठिठुरन काफी बढ़ गई है। कड़ाके की ठंड के बीच दर्शनों को पहुंच रहे श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए नगर पंचायत ने धाम में चार स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने बताया कि साकेत चौराहे, थाने के सामने, बस अड्डे और लूप रोड पर अलाव जलाए जा रहे हैं।
गंगोत्री-हर्षिल में सीजन का पहला हिमपात
उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री धाम के साथ गोमुख ट्रेक, भोजवासा, चीड़वासा और हर्षिल घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। चोटियों पर बिछी सफेद चादर को देखकर घाटी में पहुंचे पर्यटकों में खासा उत्साह है। हालांकि, लगातार बारिश और हिमपात से गंगोत्री हाईवे पर यातायात प्रभावित होने की चिंता भी बढ़ गई है। उधर, यमुनोत्री धाम और आसपास के क्षेत्रों में झमाझम बारिश से ठंड में भारी इजाफा हुआ है। मौसम खराब रहने पर यमुनोत्री में भी जल्द बर्फबारी के आसार बने हुए हैं।