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उत्तराखंड के लिए ये 48 घंटे होंगे भारी, बदलेगा मौसम का मिजाज, लेकिन साथ में चेतावनी भी

Mon, 15 Apr 2019 08:20 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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फाइल फोटो - फोटो : एएनआई
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मौसम विभाग ने 16 अप्रैल की दोपहर से अगले 48 घंटे प्रदेश में ओलावृष्टि और झक्कड़ की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही सोमवार से प्रदेशभर में मौसम का मिजाज बदल जाएगा। पहाड़ों में हल्की बारिश से गर्मी से राहत मिल सकती है।

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प्रदेशभर में रविवार को सुबह तेज धूप खिली। इससे दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री तक पहुंच गया। दोपहर बाद आंशिक बादल आने से गर्मी से कुछ राहत मिली। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि सोमवार को प्रदेशभर में अनेक हिस्सों में आंशिक बादल आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि चार जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और बर्फबारी भी हो सकती है।

16 अप्रैल की दोपहर से प्रदेशभर में मौसम करवट बदलेगा। अनेक स्थानों पर ओलावृष्टि और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है। विशेषकर मैदानी इलाकों में आंधी 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है। ओलावृष्टि की वजह से तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है।
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किसानों की मेहनत हो सकती है बर्बाद

 प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि किसानों की मेहनत पर कहर बरपा सकती है। मौसम विभाग ने 16 अप्रैल से उत्तराखंड में भारी ओलावृष्टि व तेज हवा चलने का पूर्वानुमान जारी किया है।

इस समय पहाड़ों में जहां सेब पर फूल आने का दौर चल रहा है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में आम, लीची में बौर निकल रही हैं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में गेहूं की फसल पक कर तैयार हैं। यदि बारिश और ओलावृष्टि होती है, तो इन फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। प्रदेश में इस बार अच्छी बर्फबारी होने से किसानों ने सेब की बंफर पैदावार होने की उम्मीद लगाई है। इन दिनों उत्तरकाशी जिले समेत अन्य सेब उत्पादक क्षेत्रों में सेब पर फूल आने का दौर चल रहा है।

ओलावृष्टि और बारिश सेब की फसल के लिए सबसे घातक

ऐसे समय में ओलावृष्टि और बारिश सेब की फसल के लिए सबसे घातक है। ओले पड़ने से सेब के पेड़ों से फूल झड़ने के कारण सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। वहीं, मैदानी जिलों में आम, लीची में बौर निकल रहे हैं। निचले क्षेत्रों में गेहूं की फसल पर पक कर तैयार हो चुकी है। जिन किसानों ने गेहूं काट कर खेतों में रखा है

वह बारिश के कारण खराब हो सकती है। प्रगतिशील बागवान प्रेम चंद शर्मा, डीपी उनियाल का कहना है कि ओलावृष्टि से सेब की फसल चौपट हो जाएगी। इस समय सेब की फ्लावरिंग के लिए मौसम साफ होना जरूरी है, तभी सही ढंग से फूल मजबूत हो पाएंगे। 

आठ साल में 14 अप्रैल सबसे गर्म दिन, हल्द्वानी का पारा 38 पहुंचा

रविवार को तापमान ने पिछले आठ वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। हल्द्वानी में पिछले आठ वर्षों में 14 अप्रैल यानी रविवार सबसे गर्म रहा। रविवार को यहां का तापमान 38 डिग्री रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक था।

इस संबंध में पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि इतना तापमान अप्रैल के अंतिम सप्ताह में होता है। वहीं, ऊधमसिंह नगर में भी तापमान 39 डिग्री पहुंच गया।

रविवार को पहाड़ों में भी गर्मी का अहसास हुआ। अल्मोड़ा में पिछले चार माह में रविवार का दिन सबसे गर्म रहा। रविवार को अल्मोड़ा का अधिकतम तापमान 32 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम भी बढ़कर 15 डिग्री पहुंच गया। शनिवार को यहां का तापमान 29 डिग्री था।
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पहाड़ों में भी रही गर्मी

चंपावत में रविवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री रहा, जो पिछले साल आज के ही दिन के तापमान (25.8) से 3.2 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। पिथौरागढ़ में रविवार को तेज धूप खिली रही। रविवार को पिथौरागढ़ में अधिकतम तापमान 26 डिग्री रिकार्ड किया गया। मुनस्यारी में बूंदाबांदी हुई।

नैनीताल में अधिकतम तापमान 25 और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 27.5 और न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से पांच और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान बढ़ने के कारा मुक्तेश्वर में भी गर्मी का एहसास हुआ। 
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