डीजी हेल्थ ने शुक्रवार को दून मेडिकल कालेज अस्पताल के सभागार में प्रेस कांफ्रेंस कर डेंगू से हुई मौतों और मरीजों के आंकड़े प्रस्तुत किए। स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से प्रस्तुत किए गए आंकड़ों के आधार पर उन्होंने बताया कि देहरादून जिले में बृहस्पतिवार शाम तक 831 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। यह आंकड़ा शुक्रवार को 852 पहुंच गया। असलियत में यह आंकड़ा सिर्फ दून अस्पताल का है। वहीं, 27 अगस्त से कोरोनेशन और गांधी अस्पताल में हो रही डेंगू की जांच के आंकड़े इसमें शामिल ही नहीं किए गए। वहीं, ऋषिकेश और रायपुर के सरकारी अस्पतालों में भी एलाइजा जांच हो रही है।
आंकड़ों में हेरफेर पकड़ में आने पर डीजी हेल्थ ने सीएमओ डा. एसके गुप्ता को निर्देश दिए कि दोनों अस्पतालों में हो रही जांच की रिपोर्ट भी ली जाए। वहीं, कोरोनेशन और गांधी शताब्दी अस्पताल के सीएमएस डा. बीसी रमोला ने बताया कि उनके दोनों अस्पतालों में अब तक 740 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। उधर, सीएमओ डा. एसके गुप्ता का कहना है कि दोनों अस्पतालों में हुई डेंगू की जांच के आंकड़े मंगाए गए हैं।
जिले में डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या का पिछले तीन सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। डीजी हेल्थ डा. आरके पांडेय ने सरकारी आंकड़ों के हवाले से बताया कि बृहस्पतिवार शाम तक एलाइजा जांच के बाद प्रदेश में 1400 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें से सर्वाधिक 831 देहरादून और 460 नैनीताल जिले के मरीज शामिल हैं। वहीं, देहरादून जिले में वर्ष 2016 में 1434 डेंगू पीड़ित मरीज सामने आए थे। इस साल डेंगू के मरीजों की यह संख्या 1592 पहुंच चुकी है।