फसलों को भारी नुकसान
केदारघाटी के कई गांवों में ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश से खेतों में पककर तैयार गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। वहीं हाल ही में बोई गई धान की फसल को भी क्षति होने की सूचना है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराने की मांग की है। देवर गांव से सामाजिक कार्यकर्ता राय सिंह चौहान ने बताया कि गेहूं की फसल पककर तैयार थी और काटने की तैयारी चल रही थी। मगर शनिवार को भयंकर ओलावृष्टि से पूरी खेती बर्बाद हो गई है।
ये
भी पढे़ं...Tehri: आंधी-तूफान में फंसे 30 लोग, SDRF ने सुरक्षित निकाला, संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश
दिन भर मौसम बदलता रहा करवट, शाम को हुई बारिश
दिन भर मौसम बदलता रहा करवट, शाम को हुई बारिशकर्णप्रयाग। शनिवार को दिन भर मौसम करवट बदलता रहा। सुबह आसमान में घने बादल छाए रहे। दिन चढ़ने के बाद बादल छंटने लगे और तेज धूप भी लिखी। लेकिन शाम को मौसम ने फिर करवट बदली। और शाम पांच बजे से बारिश हुई हुई। बारिश आने से तापमान गिर गया। और ठंडी हवाएं चलने लगी। व्यापारी कांति डिमरी का कहना है कि आए दिन मौसम बदलने और बारिश होने से बाजारों में भी सन्नाटा पसरा है।
खूब बरसे बादल, ठंडा हुआ मौसम
यमकेश्वर में शनिवार शाम को आंधी के बाद तेज बारिश ने मौसम ठंडा कर दिया। शनिवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। शाम होते ही तेज गर्जन और बिजली कड़कनी शुरू हुई। रात करीब 8 बजे तेज बारिश के साथ ओले गिरे। कोमल सिंह ने बताया कि काश्तकारों के लिए यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की व्यवस्था नहीं है वहां बारिश ने फसलों में प्राण फूंक दिए। वहीं जंगलों में लग रही आग की आशंका को भी बारिश ने फिलहाल कुछ दिनों के लिए रोक दिया है। वहीं बारिश ने कई इलाकों में ठंड लौटा दी है। बारिश के बाद हुई ठंड से बीमार, बूढ़े बुजुर्ग स्वेटर पहनते नजर आए।