जल संस्थान को राजकीय विभाग घोषित करने सहित 10 सूत्री मांगों के लिए सोमवार को पेयजल तकनीकी फील्ड कर्मचारी संगठन ने जल भवन में धरना दिया। इस दौरान संगठन की ओर से प्रमुख सचिव पेयजल को ज्ञापन भी भेजा गया।
नेहरू कालोनी स्थित जल भवन में मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में धरना सभा में संगठन के प्रांतीय महामंत्री हृदेश चंदेल ने कहा कि कर्मचारियों की 10 सूत्री मांगों को पूरा करने के लिए 26 अगस्त 2013 को प्रबंधक के साथ वार्ता हुई थी।
मांग पूरी किए जाने के संबंध में दोनों पक्षों में समझौता किया गया। मगर इसके बाद प्रबंधक पक्ष ने लिखित समझौता किए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की।
रिपोर्ट अभी शासन में ही अटकी
इस कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा है। उन्होंने कहा कि जल संस्थान को राजकीय विभाग घोषित करने के संबंध में एकल सदस्य की समिति बनाई गई थी, लेकिन रिपोर्ट अभी शासन में ही अटकी हुई है।
वहीं एसीपी और पेंशन संबंधी मांगों पर भी कोई काम नहीं हो सका है। धरने में पूरन तिवाड़ी, हृदेश चंदेल, विनोद भट्ट, टीएस मिश्रा, धनवीर नेगी, विनोद वर्मा, श्याम लाल, गोविंद सिंह, अजय अग्रवाल, अवनीश शर्मा, अरविंद, शेखर तिवारी, राजेंद्र कोठारी, खुशाल राणा, केपी खाली आदि उपस्थित थे।