प्रथम विश्वयुद्ध से लेकर अब तक उत्तराखंड के शहीद सैनिकों की याद में वार मेमोरियल के लिए राज्य सरकार चिन्हित नहीं कर पा रही लेकिन सेना के स्तर से मेमोरियल निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई है।
राजभवन के पास सेना के चीड़ बाग संगीत उद्यान में वार मेमोरियल के लिए चिन्हित हुआ है। सब एरिया उत्तराखंड स्मारक निर्माण के लिए चिन्हित उद्यान का सर्वेक्षण व प्रस्तावित प्रारूप तैयार कर रहा है।
6 बरस से प्रदेश सरकार वार मेमोरियल की प्रक्रिया को भूमि चिन्हीकरण नहीं होने से लटकाए हुए है। इतने वर्षों में सरकार ने चीड़ बाग सहित आधा दर्जन स्थानों को चिन्हित किया लेकिन उसके लिए प्रयास नहीं करने से बात नहीं बनी। तीन दिन पूर्व शौर्य दिवस पर सीएम हरीश रावत को एक बार फिर भूमि चिन्हीकरण के लिए कमेटी बनानी पड़ी।
इतने वर्षो में सरकार का पहली बार रुख सकारात्मक दिखा कि स्मारक के लिए निजी भूमि तक खरीदने को सीएम राजी हुए। उधर, सेना ने अपने स्तर पर वार मेमोरियल निर्माण के लिए कवायद शुरू कर दी। स्मारक प्रदेश के लगभग 15 सौ शहीदों के लिए समर्पित होगा। हालांकि राज्य सरकार का इस सैन्य प्रस्ताव से संबंध नहीं है। सेना के स्तर से प्रस्ताव स्वीकृति के लिए रक्षा मंत्रालय जाएगा।
रक्षा मंत्रालय से इशारा तो नहीं!
सेना की ए 1 श्रेणी की भूमि पर शुरू हुई वार मेमोरियल निर्माण की प्रक्रिया से स्पष्ट है कि इसमें रक्षा मंत्रालय स्तर से इसके लिए संकेत मिले हैं। संभावना है कि राज्य के इस मुद्दे पर सांसदों के स्तर से कोई पैरवी हुई है जिसपर यह प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
चिन्हित स्थल पर चल रही साफ सफाई
स्मारक के लिए प्रस्तावित स्थल के अव्यवस्थित जंगल होने के चलते सेना ने मंगलवार से साफ सफाई का कार्य शुरू कर दिया है। राजभवन जाने वाले मार्ग से सटे इस उद्यान में प्रवेश के लिए रास्ता ठीक किया गया है। उद्यान में चीड़ के ऊंचे पेड़ों के बीच कुछ खाली हिस्सा है, जहां निर्माण प्रस्तावित है।
सिविल आवाजाही के लिए सुलभ
सैन्य क्षेत्र में स्मारक या पार्कों में सबसे बड़ी दिक्कत वहां सिविल आबादी के प्रवेश की रहती है, लेकिन जो स्थल प्रस्तावित है उसमें यह परेशानी नहीं आएगी। राजभवन और मुख्यमंत्री आवास जाने वाले न्यू कैंट रोड पर चीड़ बाग है, जिससे आम जनता की स्मारक में आवाजाही के आड़े सैन्य सुरक्षा नहीं आएगी।