देहरादून बार एसोसिएशन के चुनाव में इस बार मतदाताओं की चुप्पी से दावेदार असमंजस में हैं। वे मतदाताओं के मन की थाह नहीं ले पा रहे हैं। यह बात अलग है कि कुछ इसे चुनाव आचार संहिता कमेटी की सख्ती बता रहे हैं।
प्रदेश की सबसे बड़ी बार एसोसिएशन में से एक दून बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए 24 फरवरी को मतदान होना है, लेकिन कचहरी में चुनावी शोरगुल नहीं है। मतदाताओं की चुप्पी से अध्यक्ष, सचिव, उपाध्यक्ष, सहसचिव सहित विभिन्न पदों के दावेदारों में असमंजस की स्थिति है। दावेदार वकीलों के चैंबरों में जाकर उनसे संपर्क कर माहौल अपने पक्ष में बनाने में जुटे हैं।
यह अच्छी बात है कि कालेज या फिर किसी अन्य संगठन के चुनाव की तरह शोरशराबा नहीं हो रहा है। यह प्रबुद्ध नागरिकों के चुनाव हैं, शांतिपूर्ण तरीके से होने चाहिए।
मनमोहन कंडवाल, अध्यक्ष दून बार एसोसिएशन
चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से ही होने चाहिए, इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। मतदान के 11 दिन शेष हैं, इसके बावजूद चुनाव को लेकर फिलहाल कोई शोरशराबा नहीं है।
दीपक कुमार, उपाध्यक्ष पद के दावेदार
चुनाव आचार संहिता कमेटी की ओर से चुनाव में बैनर पोस्टर प्रतिबंधित किए गए हैं। प्रत्याशी एक निश्चित साइज के विजिटिंग कार्ड से ही प्रचार कर सकते हैं।
शैलेंद्र कुमार, ऑडिटर पद के दावेदार
चुनाव आचार संहिता कमेटी की ओर से सख्ती की गई है। दावेदार चैंबरों में जाकर मतदाताओं से संपर्क कर अपने पक्ष में मत मांग रहे हैं।
अमित डंगवाल, सह सचिव पद के दावेदार