राजधानी देहरादून में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रशासन ने मतदाता पहचान पत्रों के लिए सैकड़ों ऐसे फार्म लौटा दिए हैं, जिनमें बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) के साइन नहीं है।
सैकड़ों फार्म लौटाए
सहायक निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ से इन्हें पूर्ण कराकर जल्द जमा कराने का आदेश दिया है। इसके बाद ही वोटर आईडी बनेंगे। जिला कार्यालय की ओर से वोटर बनने के लिए आए आवेदनों की जांच के बाद रविवार को सहायक निर्वाचन अधिकारी ने खामियों वाले सैकड़ों फार्म लौटा दिए।
आदेश दिया कि समस्त पटल सहायक इन फार्मों को बीएलओ को लौटाएं। सवाल यह है कि अब मतदान के लिए बहुत कम समय बचा है। ऐसे में कब ये फार्म बीएलओ के पास पहुंचेंगे और कब बीएलओ इन्हें ठीक करेंगे।
दूसरी ओर, फार्म लौटाना खुद जिला कार्यालय पर सवाल खड़े कर रहा है, क्योंकि कार्यालय की ओर से इन फार्मों की एक बार जांच की जा चुकी है। अगर वाकई गलतियां थीं तो ये वहां क्यों नहीं पकड़ी जा सकीं।
अब जबकि लोगों ने 25 रुपये की रसीद कटाकर फार्म जमा कराए हैं और वोटर आईडी का इंतजार कर रहे हैं, फार्म लौटाना उनके मताधिकार की राह रोक सकता है।
चहेतों के आवेदन हो रहे जमा
मतदाता फोटो पहचान पत्र के लिए जहां हजारों फार्म कार्यालयों में धूल फांक रहे हैं, वहीं चहेतों के आवेदन पत्र अब भी जमा किए जा रहे हैं। इन पहचान पत्रों को सीधे जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा कराया जा रहा है।
इनके आवेदन निरस्त
शीतल चौहान निवासी बिरसनी कोटड़ा, कृपाल दत्त भट्ट निवासी ठाकुरपुर, सरिता देवी निवासी बकारना, सुंदरा देवी नाहड़ सहसपुर, जैतून बीबी रेतीवाला, मंगत दुधई विकासनगर, ऊषा गढ़ी कैंट सहित सैकड़ों लोगों के आवेदन हुए निरस्त।