18 से 19 आयुवर्ग के युवा अपना वोटर कार्ड नहीं बनवाते हैं। उन्हें वोटर आई कार्ड बनवाना झंझट भरा कार्य लगता है। लेकिन, ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्हें केवल प्रारूप-6 फार्म भरकर आवेदन करना है या फिर वह भारत सरकार की वेबसाइट ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.एनवीएसपी.इन’ के जरिये भी वोटर कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
वोटर आई-कार्ड क्यों जरूरी
वोटर आई-कार्ड का इस्तेमाल केवल वोट डालने के लिए ही नहीं बल्कि अन्य कार्यों में अपनी पहचान बताने के लिएहोता है। उदाहरण के तौर पर बैंक में खाता खोलने, मोबाइल का प्रीपेड या पोस्टपेड कनेक्शन लेने, कार फाइनेंस आदि। वोटर आई-कार्ड बनाने के लिए कोई फीस भी नहीं ली जाती है।
कौन बनवा सकता है वोटर आई कार्ड
- जो भारत का नागरिक हो।
- जिसकी उम्र 01 जनवरी 2019 को 18 साल या ज्यादा हो जाए।
- जो दिवालिया या पागल घोषित न हो।
फॉर्म-6 - वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने और वोटर आई-कार्ड बनवाने के लिए।
फॉर्म-7 - वोटर लिस्ट से नाम कटवाने या किसी शिकायत के लिए।
फॉर्म-8 - बने हुए वोटर कार्ड में संशोधन के लिए।
फॉर्म-8ए - एक विधानसभा क्षेत्र के अंदर मकान बदलने पर नए पते पर वोटर कार्ड बनवाने के लिए।
फॉर्म-6ए - एनआरआई के लिए।
(नोट- अगर आप एक से दूसरे विधानसभा क्षेत्र में मकान बदलते हैं तो आपको पता बदलवाने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा।)
यह जानना भी जरूरी
- फॉर्म-6 का कॉलम नंबर-4 भरना जरूरी है। इसमें आवेदन करने वाले को अपना पुराना पता बताना होगा।
- आवेदन करने वाले को यह भी बताना होगा कि पहले से उसका कोई वोटर कार्ड बना है या नहीं।
- 18 से 21 साल तक के वोटर को फॉर्म भरते वक्त अपनी उम्र का भी साक्ष्य देना होगा।
- 21 साल से ज्यादा उम्र वालों को आयु प्रमाण पत्र देने की आवश्यकता नहीं है।
- हाल में खींची गई दो कलर फोटो
- आयु प्रमाणपत्र - नगर निगम कार्यालय से जारी जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं का सर्टिफिकेट, जिस पर उम्र दर्ज हो।
- पता - बैंक या पोस्ट ऑफिस की पास बुक व आधार, राशन कार्ड/पासपोर्ट/ड्राइविंग लाइसेंस/इनकम टैक्स असेसमेंट ऑर्डर/पानी/बिजली/गैस कनेक्शन का बिल, जिसमें आपके घर का पता हो।
(नोट- अगर पता के तौर पर राशन कार्ड दे रहे हैं तो इसके अलावा ऊपर दिए गए दूसरे दस्तावेजों में से कोई एक प्रूफ भी जमा करना होगा।)
अगर उम्र 25 साल से ज्यादा है तो
निर्वाचन आयोग का मानना है कि 25 साल से ज्यादा उम्र के लोग आमतौर पर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करा लेते हैं, लेकिन आपका वोटर आईडी नहीं बना है तो आपको अलग-से एक एफिडेविट जमा करना होगा, जिसमें लिखा होगा कि पूरे देश में आपका नाम कहीं भी वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हैं।
ये जानना भी जरूरी
- किसी भी डॉक्यूमेंट को अटेस्ट कराने की जरूरत नहीं है, इसके बावजूद फॉर्म जमा करते समय उनकी ओरिजनल कॉपी अपने साथ रखें।
- फॉर्म में दिए गए पते पर अगर आप नहीं मिलते हैं तो बीएलओ तीन बार तक आते हैं। इसके बाद ही वह अपनी रिपोर्ट देते हैं।
- दिए गए फार्म में अपने साइन के नीचे मोबाइल नंबर भी दे देना सहूलियत वाला रहता है, जिससे जरूरत पड़ने पर बीएलओ आपसे संपर्क कर सके।
- कई बार वोटर लिस्ट या वोटर आई-कार्ड में नाम, पिता का नाम, उम्र या पता गलत छप जाता है।
- ज्यादातर केस में अगर वोटर लिस्ट में कुछ गड़बड़ी है तो स्वभाविक रूप से वोटर आई कार्ड में भी गड़बड़ी हो जाती है। इसे चेंज कराने के लिए फॉर्म-8 भरना होता है।
- इसमें फोटो लगाने की जरूरत नहीं होती।
- फॉर्म-8ए भरते समय पता के तौर पर किराये का मकान हो तो रेंट अग्रीमेंट जमा करना होगा और अगर आपने मकान खरीदा है तो सेल डीड की कॉपी लगानी होगी।
(नोट- फार्म 8 और 8ए के लिए बीएलओ को 25 रुपये का भुगतान करना होगा।)
कब भरा जाएगा फॉर्म-6
- निर्वाचन कार्यालय की ओर से वक्त-वक्त पर इलेक्टोरल रोल में नाम डलवाने के लिए रिवीजन प्रोग्राम का एलान होता रहता है।
- इस दौरान इलेक्टोरल रोल के ड्राफ्ट पब्लिकेशन के बाद ही ऐप्लिकेशन फॉर्म भरा जाएगा।
- वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए फॉर्म-6 साल में किसी भी वक्त भरा जा सकता है। लेकिन रिवीजन प्रोग्राम के अलावा नाम शामिल करने के लिए डुप्लीकेट फॉर्म ही भरा जाएगा।
- रिवीजन प्रोग्राम के दौरान फॉर्म भरने के लिए अस्थाई तौर पर कई सेंटर बनाए जाते हैं, जो आम तौर पर पोलिंग स्टेशनों पर होते हैं।
- रिवीजन प्रोग्राम के अलावा फॉर्म केवल इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिस में ही भरे जाएंगे।
फॉर्म-6 भरने में होने वाली गलतियां
- लोग अक्सर डिक्लेरेशन वाला कॉलम भरना छोड़ देते हैं, जिसके चलते उनका फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है।
- फॉर्म भरने वाले के लिए अपने हस्ताक्षर करना जरूरी है, नहीं तो फॉर्म नामंजूर कर दिया जाता है।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आपको फॉर्म-6 भरना होता है। अगर आप ऑनलाइन अप्लाई करना चाहते हैं। तो भारत सरकार की वेबसाइट ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.एनवीएसपी.इन’ पर जाकर न्यू वोटर अप्लाई पर क्लिक कर सकते हैं। यहां पर फॉर्म-6 खुलकर आएगा। इसमें आपको सभी जानकारी पूरे विस्तार के साथ सही भरनी होती है। फॉर्म के साथ आपको अपनी लेटेस्ट फोटो स्कैन करके अटैच करनी होगी। इसके बाद पता और आयु प्रमाणपत्र स्कैन कर लगाएं। अगर आप ऐसा नहीं कर पाते तो ये दोनों दस्तावेज लेने बीएलओ (बूथ लेवल अफसर) आपके घर आ जाएंगे। यहीं वह आपसे फॉर्म पर साइन पर कराकर ले जाएंगे।
कैसे करें ऑफलाइन अप्लाई
अब जनवरी में निर्वाचन आयोग की ओर से फॉर्म बांटे जाएंगे। फॉर्म पर अपनी हाल में खींची गई एक कलर फोटो लगानी होगी। साथ ही ऊपर बताए बाकी जरूरी दस्तावेज भी जमा कराने होंगे। इसके बाद बीएलओ खुद घर-घर जाकर मतदाता को उनका वोटर कार्ड देकर आएंगे।
हेल्पलाइन
वोटर आई-कार्ड से जुड़ी किसी भी जानकारी या शिकायत दर्ज कराने के लिए 1950 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
- अगर आपका वोटर आई-कार्ड नहीं बनता है तो फॉर्म जमा करने के वक्त जो रसीद दी गई है, उसे लेकर अपने तहसील के एसडीएम से शिकायत कर सकते हैं।
- आयु प्रमाण पत्र के तौर पर दूसरे दस्तावेजों के अलावा किराए के मकान में रहने वाले लोग रेंट एग्रीमेंट की कॉपी भी लगा सकते हैं। बीएलओ उस अड्रेस पर जाकर आपके मिलने पर उस पता को सत्यापित कर देगा।