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नया वोटर कार्ड बनवाने या पुराने कार्ड में संशोधन कराने का सुनहरा मौका, बस लगेंगे ये दस्तावेज

Wed, 21 Aug 2019 08:38 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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मतदाता पहचान पत्र में यदि कोई त्रुटि है तो उसे एक सितंबर से ठीक कराया जा सकता है। निर्वाचन आयोग प्रदेश में एक सितंबर से निर्वाचक सत्यापन कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। अभियान का उद्देश्य मतदाता सूचियों को शत प्रतिशत शुद्ध करना है।

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इस अभियान के तहत विधानसभा मतदाता सूचियों और फोटो युक्त मतदाता पहचान पत्रों में यदि कोई गलती होगी, तो उसे ठीक कराने के साथ ही संशोधन हो सकेंगे। मतदाताओं की सुविधा के लिए पहली बार आयोग मोबाइल एप्लीकेशन का भी विकल्प दे रहा है।

पहली बार आयोग मतदाताओं के घरों और मतदेय स्थलों की जीपीएस मैपिंग करेगा। मंगलवार को प्रदेश सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने कार्यक्रम जारी किया। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक में उनसे सहयोग की अपील की।
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सीईओ ने कहा कि वे लोग जल्द से जल्द बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) बनाएं। ये कार्यक्रम 30 सितंबर तक चलेगा। बैठक में भाजपा से पुनीत मित्तल, कांग्रेस से राजेश चमोली, बीएसपी से रमेश कुमार और सीपीएम से अनंत आकाश उपस्थित थे।

संशोधन के ये चार माध्यम

निर्वाचक सत्यापन कार्यक्रम के तहत मतदाता चार माध्यमों में से किसी एक माध्यम का इस्तेमाल करके मतदाता सूची में अपना नाम, पता, जन्मतिथि में संशोधन करा सकते हैं। इनमें वोटर हेल्पलाइन मोबाइल एप है। जिसे आयोग जल्द लांच करने जा रहा है। राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल, जन सेवा केंद्र (सीएससी) और 1950 वोटर हेल्पलाइन। मतदाता जिस तरह के संशोधन चाहेगा, वेबसाइट पर उसे उसका फार्म उपलब्ध हो जाएगा, जिसे भरने के बाद बीएलओ के सत्यापन के बाद संशोधन हो जाएगा।

संशोधन के लिए ये दस्तावेज चाहिए
आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, किसान पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, सरकार द्वारा जारी आईडी।

परिवार के वोट एक साथ
यदि एक ही परिवार के वोट अलग-अलग पतों या बूथों पर बनें हैं तो उनमें संशोधन कर उन्हें एक साथ कराया जा सकता है। आयोग ने अभियान के तहत यह सुविधा भी प्रदान की है। 

फर्जी हटेंगे, नए बनेंगे
अभियान के तहत फर्जी वोटरों की भी पहचान की जाएगी और उन्हें मतदाता सूची से बाहर किया जाएगा। जो मतदाता एक जनवरी 2019 को 18 वर्ष या उससे अधिक के हैं, और उनके नाम सूची में दर्ज होने से छूट गए हैं तो वे भी आवेदन कर सकेंगे। ऐसे वोटर जो एक जनवरी 2020 में 18 वर्ष के हो जाएंगे, वे भी आवेदन कर सकते हैं। 18 वें साल के बाद उनका नाम मतदाता सूची में स्वत: ही दर्ज हो जाएगा। 
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ये है कार्यक्रम

1 से 30 सितंबर तक: बीएलओ घर जाएंगे सत्यापन को
16 से 15 अक्तूबर तक: पतों की जीआईएस लोकेशन मैपिंग, बीएलओ के जुटाए डाटा सत्यापन
15 अक्तूबर से 30 नवंबर तक: मतदाता सूची का प्रकाशन
15  दिसंबर तक दावों और आपत्तियों का निस्तारण
एक जनवरी से 15 जनवरी के मध्य अंतिम प्रकाशन

मतदाता और मतदेय स्थल
77,55,442 मतदाता हैं
11235 मतदेय स्थल हैं
8687 मतदेय स्थल गांवों में
2548 मतदेय स्थल शहरों में
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