निर्वाचक सत्यापन कार्यक्रम के तहत मतदाता चार माध्यमों में से किसी एक माध्यम का इस्तेमाल करके मतदाता सूची में अपना नाम, पता, जन्मतिथि में संशोधन करा सकते हैं। इनमें वोटर हेल्पलाइन मोबाइल एप है। जिसे आयोग जल्द लांच करने जा रहा है। राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल, जन सेवा केंद्र (सीएससी) और 1950 वोटर हेल्पलाइन। मतदाता जिस तरह के संशोधन चाहेगा, वेबसाइट पर उसे उसका फार्म उपलब्ध हो जाएगा, जिसे भरने के बाद बीएलओ के सत्यापन के बाद संशोधन हो जाएगा।
संशोधन के लिए ये दस्तावेज चाहिए
आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, किसान पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, सरकार द्वारा जारी आईडी।
परिवार के वोट एक साथ
यदि एक ही परिवार के वोट अलग-अलग पतों या बूथों पर बनें हैं तो उनमें संशोधन कर उन्हें एक साथ कराया जा सकता है। आयोग ने अभियान के तहत यह सुविधा भी प्रदान की है।
फर्जी हटेंगे, नए बनेंगे
अभियान के तहत फर्जी वोटरों की भी पहचान की जाएगी और उन्हें मतदाता सूची से बाहर किया जाएगा। जो मतदाता एक जनवरी 2019 को 18 वर्ष या उससे अधिक के हैं, और उनके नाम सूची में दर्ज होने से छूट गए हैं तो वे भी आवेदन कर सकेंगे। ऐसे वोटर जो एक जनवरी 2020 में 18 वर्ष के हो जाएंगे, वे भी आवेदन कर सकते हैं। 18 वें साल के बाद उनका नाम मतदाता सूची में स्वत: ही दर्ज हो जाएगा।