शिल्प, कला और तकनीकी के जनक भगवान विश्वकर्मा की जयंती पछवादून क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विकासनगर, सेलाकुई और कालसी क्षेत्र के जलविद्युत गृहों, बैराज, औद्योगिक इकाइयों व शिक्षण संस्थानों में मशीनों और उपकरणों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। जगह-जगह हवन-यज्ञ व भंडारों का आयोजन कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की गई।
डाकपत्थर बैराज पर विश्वकर्मा दिवस के उपलक्ष्य में हवन-यज्ञ किया गया, जिसमें जलविद्युत निगम के अधिकारियों ने आहुतियां दीं। वहीं, खोदरी स्थित जलविद्युत गृह में कर्मचारियों ने मशीनों की पूजा कर भगवान विश्वकर्मा से प्रदेश में निर्बाध और रिकार्ड तोड़ विद्युत उत्पादन की प्रार्थना की। इन कार्यक्रमों में यमुना वैली के महाप्रबंधक धीरज गुप्ता, उप महाप्रबंधक संजीव मेहरा, अधिशासी अभियंता अमित रंजन, मो. अफजाल, डी.एस नेगी सहित डीके पंत, संजय राणा, योगेश दत्त व अन्य अभियंता-कर्मचारी मौजूद रहे।
शिक्षण संस्थानों में छात्रों को बताई विश्वकर्मा की महिमा
बाबूगढ़ स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य कली राम भट्ट के नेतृत्व में दीप प्रज्वलन व पुष्पार्चन कर जयंती मनाई गई। यहां शिक्षक बीनू राघव ने छात्रों को विश्वकर्मा भगवान के योगदान के बारे में विस्तार से बताया। उधर, सेलाकुई के धूलकोट स्थित जिज्ञासा विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज, एआई टेक्नोलॉजी और आईकेएस सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम हुआ। इसमें विवि के अध्यक्ष प्रो. इरफान खान, जी ग्रुप के सीईओ मनीष रस्तोगी, प्रो. वाइस चांसलर प्रो. संदीप कौटिश व रजिस्ट्रार डॉ. जशनदीप सिंह मौजूद रहे। इसी तरह कालसी स्थित राजकीय आईटीआई, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय व स्थानीय लघु उद्योगों में भी मशीनों की पूजा कर अनुष्ठान किए गए।
विश्वकर्मा मंदिर में गूंजे वैदिक मंत्र
सेलाकुई के गोगाजी माड़ी मंदिर परिसर स्थित विश्वकर्मा मंदिर में पंडित विवेक नौटियाल ने विधि-विधान से विशेष हवन संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर सुख-समृद्धि की प्रार्थना की, जिसके बाद प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर महंत योगेंद्र नाथ, विशाल, अनुज और सचिन सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।