बुलंदी जज्बात-ए-कलम संस्था की ओर से 150 घंटे से अधिक चलने वाले सबसे लंबे वर्चुअल कवि सम्मेलन का रविवार को आगाज हो गया। पहले चरण में देश-विदेश के 16 कवियों ने अपनी कविताओं का पाठ किया। वर्चुअल आयोजन को लेकर कवियों में खासा उत्साह रहा।
रविवार को संस्था के संस्थापक राष्ट्रीय कवि एवं विवेक बादल बाजपुरी, अध्यक्ष राकेश शर्मा ने रुद्रपुर स्थित मुख्य शाखा में दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। डॉ. गुंजन जोशी ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि के रूप में चर्चित कॉमेडियन और अभिनेता एहसान कुरैशी और उनकी पत्नी शायरा जीनत कुरैशी वर्चुअल रूप से मौजूद रहीं।
एहसान ने अनूठे आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। शायरा जीनत कुरैशी ने कहा कि ‘इक ताजगी वजूद के अंदर गुजर गई, साहिल की गीली रेत पर कितना सुकून है।’ बेल्जियम से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कवि कपिल कुमार ने कहा कि ‘खामखां के रतजगे खूब थे, जिंदगी में हादसे खूब थे...।’ गीता मैंदुली ने कहा कि ‘आजकल पानी भी फसलों पर भारी है...।’
बादल बाजपुरी ने कहा कि ‘भले आएं जाएं हजारों सुखनवर, बुलंदी पे अपना सितारा रहेगा...।’ मेरठ से राष्ट्रीय कवयित्री शुभम त्यागी, रुद्रपुर से पवन मेहरोत्रा, लखीमपुर से अभिषेक मिश्रा, देहरादून से मातृका बहुगुणा, पीलीभीत से निलेश प्रजापति, दिल्ली से रिंकू निगम, हारून रशीद, नवीन आर्या, अनुष्का शर्मा, मानसी जोशी, हरीश सहित अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही लूटी।
राजस्थान से जुड़ीं कवयित्री ममता लडीवाल ने संचालन किया। आयोजक बादल बाजपुरी ने बताया कि 11 जुलाई से 17 जुलाई तक चलने वाले इस कार्यक्रम में करीब 800 से ज्यादा कवि और शायर शिरकत कर रहे हैं। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा जर्मनी, कनाडा, सऊदी अरब, दुबई, यूएसए आदि देशों के साहित्यकार भी कविता पाठ करेंगे।