यमकेश्वर ब्लॉक के न्याय पंचायत बंचूरी के चार गांवों में वायरल बुखार का प्रकोप चल रहा है। राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय में अब तक इस वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या 590 से पार हो चुकी है।
कई मरीजों को चिकित्सालय से दवाई देकर घर भेज दिया गया है, जबकि 10 मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि कई अपना उपचार कराने के लिए कोटद्वार समेत मैदानी क्षेत्र के लिए रेफर हो गए हैं। क्षेत्र का एकमात्र राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय फार्मेसिस्ट के भरोसे संचालित हो रहा है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य और सांसद प्रतिनिधि विजय कुमार लखेड़ा ने बताया कि न्याय पंचायत बंचूरी के ग्राम बंचूरी, रिखेड़ा, रावत गांव और सार के उपग्रामों में दर्जनों लोग वायरल बुखार से पीड़ित हैं। पखवाड़ेभर के अंदर 590 मरीज इस बीमारी की चपेट में हैं, जिसमें महिलाएं, बच्चे तथा बुजुर्गो की संख्या अधिक है। वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों में से 10 मरीज अब भी बंचूरी एलोपैथिक चिकित्सालय में भर्ती हैं। एक मरीज को कोटद्वार रेफर किया गया है।
विजय लखेड़ा का कहना है कि बंचूरी चिकित्सालय में डॉक्टर नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के कई गांवों की स्वास्थ्य व्यवस्था एक फार्मासिस्ट के भरोसे चल रही है। फार्माशिस्ट द्वारा संक्रामक रोगों का इलाज संभव नहीं है। उनका कहना है वर्ष 1982 में बंचूरी क्षेत्र के लिए एलोपैथिक अस्पताल की स्थापना की गई थी, लेकिन ज्यादातर यह अस्पताल डाक्टर विहीन ही रहा। क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए पौखाल ओर कोटद्वार जाना पड़ता है। कहा कि क्षेत्रवासी बंचूरी में स्थायी डाक्टर की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, जिससे लोगों को इलाज के लिए कोटद्वार का रुख न करना पड़े।
बंचूरी अस्पताल में दो फार्माशिस्ट लगातार हालात पर निगरानी रखे हुए हैं, सोमवार को पौड़ी से डा. अजीत मोहन जोहरी के नेतृत्व में एक स्वास्थ्य टीम बंचूरी का दौरा कर लौट गई है। वहां के हालात सामान्य हैं। यमकेश्वर सीएचसी प्रभारी डा. हितेंद्र सिंह स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
- डा. आरएस राणा, सीएमओ पौड़ी