आपदा से अलग-थलग पडे़ बदरीनाथ धाम की ओर से तीर्थयात्रियों के साथ ही वीआईपी ने भी मुंह मोड़ लिया है।
भगवान बदरीनाथ में अगाध श्रद्धा
बीते वर्षों में जहां यात्राकाल में छह माह तक धाम में वीआईपी का तांता लगा रहता था, वहीं चालू यात्रा सीजन में अभी तक चीफ ऑफ नेपाल सोमेश्वर बहादुर राणा, दि आर्ट ऑफ लीविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर और कृषि मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ही धाम में मत्था टेकने पहुंचे।
पहले से ही आम तीर्थयात्रियों के साथ ही देश की चर्चित शख्सियतों की भी भगवान बदरीनाथ में अगाध श्रद्धा रही है। उद्योगपति अनिल अंबानी से लेकर अभिनेता अमिताभ बच्चन तक किसी भी बडे़ कार्य की शुरुआत करने से पूर्व बदरीनाथ आना नहीं भूलते थे।
वर्ष 2007 में अमिताभ बच्चन अपने बेटे अभिषेक बच्चन को रुपहले पर्दे पर लाने से पहले बदरीनाथ धाम में मत्था टेकने पहुंचे थे, लेकिन वर्ष 2013 के जून माह की जलप्रलय के बाद से वीआईपी और चर्चित शख्सियतों ने बदरीनाथ धाम आना तो दूर धाम की सुध तक नहीं ली।
धाम के कपाट खुलने के चार दिन बाद नौ मई को धाम में पहुंचे दि आर्ट ऑफ लीविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने तीर्थयात्रियों को अधिक से अधिक संख्या में धाम आने का आह्वान किया था, लेकिन तीर्थयात्रा पटरी पर नहीं लौट पाई है। धाम में अभी तक करीब दो लाख तीर्थयात्री और मात्र आठ वीआईपी ही मत्था टेकने पहुंचे हैं।
जबकि वर्ष 2011 में मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक समेत 37 वीआईपी धाम में मत्था टेकने पहुंचे थे। वर्ष 2012 में 21 और वर्ष 2013 में 15 जून तक 15 वीआईपी बदरीविशाल के दर्शनों को पहुंचे थे।
इस वर्ष शुरुआत में बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर यात्री उमड़ कर आए, लेकिन जुलाई माह से रुक-रुककर हुई बारिश से तीर्थयात्रियों के धाम आने का सिलसिला कम हुआ। इन दिनों पितृ पक्ष के कारण धाम में पुन: तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ गई है। अगले वर्ष तीर्थयात्रा पूरी तरह से पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
- बीडी सिंह, मुख्य कार्याधिकारी, बीकेटीसी, बदरीनाथ