ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के बिलों में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। भारी बिल थमाए जाने से नाराज 200 से अधिक ग्रामीणों ने साहिया स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर में महापंचायत करके ऊर्जा निगम के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए ऊर्जा निगम को आंदोलन की चेतावनी दी है।
महापंचायत में ग्रामीणों ने कहा वें वर्षों से हर महीने नियमित रूप से बिजली के बिल जमा करते आ रहे हैं। इसके बावजूद इस बार बिलों में इतनी भारी बढ़ोतरी कैसे हो गई। उन्होंने बताया किसी उपभोक्ता को 43 हजार तो किसी को 83 हजार रुपये का बिल भेजा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी रकम का भुगतान करना गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए मुश्किल है। उन्होंने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिलों में अचानक हुई बढ़ोतरी की जांच होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में शासनादेश के अनुसार लागू नियमों के आधार पर ही बिजली के बिल जारी किए जाने चाहिए। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक बिल बढ़ने का कारण स्पष्ट नहीं होता और समस्या का समाधान नहीं किया जाता तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। महापंचायत में बिजली के बिलों में की गई अप्रत्याशित बढ़ोतरी की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री और निगम के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजने का निर्णय भी लिया गया। इसके साथ ही 27 अक्टूबर को दोबारा पंचायत बुलाने व समाधान न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी गई। महापंचायत में पहुंचे चकराता के सहायक अभियंता अश्विनी कुमार और अवर अभियंता परम सिंह चौहान ने ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए कहा कि मामले में जल्द ही उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।