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डॉक्टर तैनाती की मांग पर सड़क पर उतरे ग्रामीण

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बरोंथा अस्पताल में डॉक्टर तैनाती की मांग पर प्रदर्शन करते लोग। - फोटो : VIKAS NAGAR
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राजकीय एलोपेथिक चिकित्सालय बरोंथा में चिकित्सक तैनाती की मांग पर खत अठगांव के एक दर्जन से भी अधिक लोग सोमवार को चकराता पहुंचे। यहां उन्होंने चकराता छावनी बाजार की सड़कों स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर जुलूस निकाला। ग्रामीणों ने अस्पताल में शीघ्र चिकित्सक तैनाती न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। साथ ही इस संबंध में ग्रामीणों ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. केशर चौहान के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
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ग्रामीणों ने कहा कि चार दशक पूर्व रंगेऊ, चुनोटी, बिजनू, सीडी बड़कोटी, पुन्हा पोखरी, बिरपा, कांडीधार समेेत 12 से अधिक गांव की आबादी को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए बरोथा में एलोपेथिक अस्पताल की स्थापना की गई थी लेकिन, बीते एक दशक से अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर ताला लटका हुआ है। क्षेत्रीय लोगों को उपचार के लिए 30-40 किमी की दूरी नापनी पड़ती है। कई बार सही समय पर उपचार न मिल पाने के कारण लोगों की जान पर बन आती है।
शिकायत के बाद भी अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती नहीं की जा रही है। पूर्व में अस्पताल में जिस डॉक्टर की तैनाती की गई थी वह वर्तमान में चकराता सीएचसी से अटैच है। अस्पताल में तैनात वार्ड ब्वॉय व सफाई कर्मी भी गायब रहते हैं। ग्रामीणों ने 15 दिन के भीतर अस्पताल में स्टॉफ की तैनाती नहीं होने पर तहसील मुख्यालय में धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में यशपाल सिंह रावत, स्याणा रणवीर सिंह, प्रधान सीडी बड़कोटी सरदार सिंह, प्रधान पुनहा पोखरी सरदार सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष क्वासी सूर्यपाल चौहान, शूरवीर सिंह, विक्रम सिंह, दिनेश सिंह, अमर सिंह, भगत सिंह, कुंदन सिंह, परम सिंह, भाव सिंह आदि शामिल रहे।
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एसडीएम के न मिलने पर बिफरे लोग
चकराता। सीएचसी चकराता में पहुंचने से पूर्व जुलूस के रूप में लोगों का हुजूम पहले तहसील मुख्यालय चकराता पहुंचा था, लेकिन किसी सक्षम अधिकारी के न होने पर उन्हें ज्ञापन देने के लिए सीएचसी का रुख करना पड़ा। इस दौरान तहसील में सक्षम अधिकारी के न बैठने पर लोगों ने नाराजगी व्यक्त की। कहा कि चकराता में तहसील बनाने का लोगों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। एसडीएम अपनी सहुलियत के हिसाब से कालसी बैठती हैं।
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