रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय के लोगों को जलसंस्थान द्वारा शुद्ध पेयजल आपूर्ति के किए जा रहे दावे फेल होते जा रहे है। नगर से करीब ढाई किमी दूर पुनाड़ गदेरे में 95 लाख रुपये का फिल्टर प्लांट काम नहीं आ रहा है। इससे यह सफेद हाथी साबित हो रहा है।
रुद्रप्रयाग नगर की करीब दस हजार की आबादी को शुद्ध पानी की आपूर्ति के लिए सुरजीबगड़ तोक में बनाया गया पानी का फिल्टर प्लांट बनने के बाद से ही बंद पड़ा हुआ है। करीब 95 लाख रुपए की लागत से बने इस फिल्टर में पुनाड़ गदेरे का पानी साफ कर लोगों को मुहैया करवाना था।
लेकिन हकीकत इसके उलट है। जल संस्थान द्वारा फिल्टर प्लांट बनाने की सभी औपचारिकताएं तो जमीन पर पूरी कर ली गई हैं, लेकिन कागजों में ही पानी साफ हो रहा है। फिल्टर प्लांट में करीब दस से बारह फीट और पांच से सात फीट तक के दो छोटे चैंबरों का निर्माण किया गया है, जिनमें पानी को साफ करने का कार्य किया जाना था।
इन तीनों चैंबरों में गंदगी पटी हुई है, लेकिन जब से फिल्टर प्लांट बना है तब से ही यह सवालों के घेरे में है। जल संस्थान द्वारा फिल्टर करने के बजाय गदेरे से पानी को टेप कर मुख्य लाइनों के जरिए घरों तक भेजा जा रहा है। कभी कभार स्थिति यह बन जाती है ते हल्की सी बारिश में भी मटमैला पानी आने लगता है। पूर्व में जब मामला उठा तो तत्कालीन जिलाधिकारी के संज्ञान में भी यह बात आई थी। लेकिन आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
जल संस्थान लोनिवि के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता का कहना है कि फिल्टर लगातार काम कर रहा है। गदेरे में पांच फ्रेंचवाल्व डलवाए हैं, जिससे समस्या का समाधान हो जाएगा, जबकि फिल्टर में सफाई का कार्य भी शुरू करवा दिया गया है।
नहीं है सुरक्षा व्यवस्था
सुरजीबगड में बने फिल्टर में सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। मुख्य चैंबर पूरी तरह पानी से भरा हुआ है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जिस स्थान पर फिल्टर का निर्माण किया गया है, उससे सटकर धनपुर क्षेत्र के कई गांवों का पैदल रास्ता गुजरता है, जबकि नगर क्षेत्र के आसपास की महिलाएं भी इन क्षेत्रों में घास के लिए आती-जाती हैं।