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बागेश्वर: जंगल की भड़की आग बुझाते-बुझाते खाई में गिरा ग्रामीण, मौत

Sun, 27 May 2018 10:51 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, बागेश्वर/चंपावत
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पर्वतीय क्षेत्रों में जंगलों की आग विकराल होती जा रही है। बागेश्वर जिले के जनौली पालड़ी गांव में आग बुझाते-बुझाते 55 वर्षीय बिशन सिंह की खाई में गिरने से मौत हो गई। चंपावत में वनाग्नि डीएम आवास के करीब तक पहुंच गई। पीएसी, पुलिस और वन विभाग के कर्मचारियों ने वक्त रहते आग पर काबू पा लिया। उधर, चंपावत में ही बडोली के जंगल में लगी आग को बुझाने में फॉरेस्ट गार्ड प्रकाश गिरि के हाथ झुलस गए जिन्हें साथी कर्मचारियों ने जिला अस्पताल में पहुंचाया।

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जनौली पालड़ी निवासी बिशन सिंह (55) ने घर के समीप स्थित जंगल में घास के लुट्टे बनाए थे। रविवार की सुबह जंगल की आग उनके लुट्टों की ओर बढ़ने लगी तो वह उसे बुझाने में जुट गए। आग बुझाते-बुझाते उनका पैर फिसला और वह खाई में गिर गए। इससे उनके सिर और सीने में गंभीर चोटें आ गईं। ग्रामीणों ने उन्हें खाई से निकाला। ग्रामीण उन्हें निजी वाहन से जिला अस्पताल लाए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टर ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। जिला अस्पताल की एंबुलेंस के खराब होने के चलते बैजनाथ से 108 वाहन मंगाई गई। इसके चलते परिजनों को बिशन सिंह को हायर सेंटर ले जाने के लिए दो घंटे इंतजार करना पड़ा। बैजनाथ से एंबुलेंस के आने पर परिजन उन्हें हल्द्वानी ले जा रहे थे कि विशन सिंह ने अयारतोली के समीप रास्ते में दम तोड़ दिया।  

उधर, पुनेठी वन पंचायत के जंगल में लगी आग चंपावत के जिलाधिकारी डा. इकबाल अहमद आवास से करीब 150 मीटर की दूरी तक पहुंच गई। सूचना मिलते ही एसपी धीरेंद्र गुंजयाल भी मौके पर पहुंच गए। जिला मुख्यालय में फायर स्टेशन न होने की वजह से 13 किमी दूर लोहाघाट से दमकल वाहन मंगाया गया। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस, पीएसी और वन विभाग के कर्मचारियों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग से 0.75 हेक्टेयर जंगल जल चुका है। उधर पाटी ब्लॉक में वनों में आग लगने का सिलसिला थम नहीं रहा है। शनिवार की रात भिंगराड़ा के गोली, बिरगुल, टाक खंदक, मानादेवी, कूंण, चखड़िया और पाटी के गूम प्याली, मैरोली, गरसाड़ी और बिगराकोट के जंगल सुलगते रहे। चंपावत के प्रभागीय वनाधिकारी केएस बिष्ट ने बताया कि चंपावत वन प्रभाग के जंगलों में आग लगने की 60 घटनाएं हो चुकी है जिनसे अब तक 100 हेक्टेयर जंगल  जल चुके हैं।
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इसके अलावा, बागेश्वर जनपद में जिला मुख्यालय सहित विभिन्न रेंजों के आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुई। बताया जा रहा है कि रविवार को गाड़ी से उतरे एक यात्री ने बीड़ी पीने के बाद जलती हुई माचिस की तीली कांडा रोड किनारे पिरूल पर फेंक दी, जिससे वहां आग लग गई। आग फैलने से पहले ही दोपहिया वाहनों से वहां से गुजर रहे युवाओं ने आग बुझा दी। वहीं,  दफौट मोटर मार्ग में पुलिस लाइन के समीप कुछ अराजक तत्वों ने शाम चार बजे के जंगल में आग लगा दी। कुछ ही देर में आग की लपटों ने पूरे जंगल को अपनी चपेट में ले लिया।

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