आरोपी के छुरे के कई वार से बाबू बुरी तरह जख्मी हो गया। चीख पुकार सुनकर गांववाले एकत्र हो गए, लेकिन शाहरुख के हाथ में छुरा देखकर किसी की बीच बचाव करने की हिम्मत नहीं हुई।
इसके बाद आरोपी बाबू को बुरी तरह जख्मी कर मौके से फरार हो गया। गांववाले जब तक लहूलुहान हालत में पड़े बाबू को उपचार के लिए अस्पताल ले जा पाते, तब तक उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
दिनदहाड़े गांव में हुई हत्या को लेकर गांव में अफरा तफरी मच गई। किसी ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। हत्या की सूचना मिलते ही एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, एएसपी आयुष अग्रवाल, कोतवाली प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट, गैस प्लांट चौकी प्रभारी सत्येंद्र सिंह नेगी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी की तलाश में उसके घर पर छापा मारा, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। हालांकि पुलिस की कई घंटों की तलाश के बाद आरोपी दबोच लिया गया।
एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि प्रारंभिक पड़ताल में यह बात सामने आई है कि हत्यारोपी की बहन की कई वर्ष पूर्व मौत हो गई थी और वह उसका जिम्मेदार बाबू कुरैशी को मानता था। इसलिए उसने योजनाबद्ध ढंग से बाबू की हत्या कर दी।
दूसरी बात यह भी सामने आई है कि मृतक ने आरोपी को 22 हजार की रकम उधार दी हुई थी और वह रोजाना तकादा कर रहा था। बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बताया, आरोपी भी दिहाड़ी मजदूर है। मामले की पड़ताल शुरू कर दी गई है। सतर्कता के तौर पर गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
पिता के कत्ल का गवाह बना मासूम
पिता के कत्ल का चश्मदीद गवाह 11 साल का बेटा सानू बना है। सानू के सामने ही उसके पिता को बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। पुलिस भी सानू को मुख्य गवाह बनाने की तैयारी में है। हालांकि, पिता के कत्ल के बाद मासूम डरा सहमा हुआ है और उसके चेहरे पर खौफ तारी है। पिता पर जब आरोपित छुरे से वार कर रहा था तब मासूम पास में ही छिप गया था। हर कोई इस बात का शुक्र मना रहा है कि आरोपित ने मासूम को निशाना नहीं बनाया।