रुड़की क्षेत्र में जंगल से साइकिल पर लकड़ी लाते समय रोके जाने पर वन कर्मियों और ग्रामीणों में जमकर मारपीट हुई। आरोप है कि पहले वनकर्मी ने एक ग्रामीण को डंडा मार दिया इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर दारोगा और साथी वनकर्मियों को जमकर पीटा तथा फरार हो गए।
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इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो उन्होंने जानकारी न होने की बात कह वह अपना पल्ला झाड़ लिया।
चेकिंग के दौरान हुआ विवाद
घटनाक्रम के अनुसार बीती शाम सात ग्रामीण जंगल से साइकिलों पर लकड़ी ला रहे थे। बुद्धुवाली के पास उन्हें एक वन दारोगा और दो वनकर्मियों को चेकिंग के नाम पर रोक लिया।
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वनकर्मी उन पर लकड़ी काटकर लाने का आरोप लगा रहे थे जबकि ग्रामीणों का कहना था कि वे जंगल में बेकार पड़ी सूखी लकड़ी जलाने के लिए ले जा रहे हैं।
वनकर्मियों की जमकर पिटाई
इस दौरान वनकर्मियों ने ग्रामीणों की साइकिल छीन ली, विरोध करने पर एक वन कर्मी ने ग्रामीण को डंडा मार दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने वन कर्मियों को जमकर पीटा और भाग निकले।
बताया गया कि वन कर्मियों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी लेकिन अधिकारियों ने ज्यादा रूचि नहीं दिखाई। इस मामले में अभी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी आईपीएस रावत का कहना है कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है। संज्ञान में नही है।