नगला कूबड़ा गांव में ब्लॉक प्रमुख के परिवार के घर आगजनी और तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने मृतक ग्राम प्रधान के सात समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार हैं। वहीं, गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस दोनों पक्षों के लोगों पर पैनी नजर रख रही है। साथ ही ग्रामीणों से शांति की अपील कर रही है।
शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे रुड़की स्थित रामनगर कोर्ट के बाहर नगला कूबड़ा गांव के प्रधान कमरे आलम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक ग्राम प्रधान के परिजनों में रुड़की के ब्लॉक प्रमुख पर हत्या का शक जताया था। साथ ही गांव में स्थित ब्लॉक प्रमुख के परिवार के घर पर रात में धावा बोल दिया था।
गुस्साए परिजनों और प्रधान समर्थकों ने तोड़फोड़ कर घर में आगजनी कर दी थी। इतना ही नहीं बाइकें, कार समेत अन्य सामान में आग लगा दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत किया था। साथ ही ब्लॉक प्रमुख के परिजनों को सुरक्षित घर से बाहर निकाला था। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए रात में ही पुलिस बल तैनात कर दिया था।
थानाध्यक्ष रविंद्र शाह ने बताया कि इरशाद पुत्र मुनफेद की तहरीर पर ग्राम प्रधान पक्ष के कामरान, फरान, शहबाज, अरबाज, आकिब, तजम्मुल और आमिर के खिलाफ तोड़फोड़ और आगजनी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही ग्रामीणों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। उधर, ग्राम प्रधान की मौत के बाद कमेलपुर गांव में पुलिस तैनात की गई है। बताया जा रहा है कि हत्याकांड के तार कमेलपुर गांव से भी जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस बनी परिवार के लिए दूत
ग्राम नगला कूबड़ा में ग्राम प्रधान की हत्या के बाद परिजनों और समर्थकों में भारी गुस्सा था। गुस्साए लोगों ने ब्लॉक प्रमुख के परिवार के घर पर हमला बोलकर तोड़फोड़ की थी। इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों ने एक कमरे में घुसकर जान बचाई। आग से कमरे में धुआं घुस गया, लेकिन परिवार वाले जान बचाने के चलते कमरे से बाहर नहीं आए।
इस बीच पुलिस घर पहुंची तो एक कमरे से बुजुर्ग की आवाज सुनाई दी। इसके बाद पुलिस ने कमरे में बंद इरशाद, फरीदा, शबनम, सूफिया, जैनब, अब्दुल को किसी तरह बाहर निकालकर सुरक्षित बचाया। इन लोगों की तबीयत खराब होने पर पुलिस ने अस्पताल में पहुंचाकर उपचार दिलाया।
सुरक्षा के बीच हुआ अंतिम संस्कार
पुलिस ने रात में ही मृतक ग्राम प्रधान का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच प्रधान का शव गांव पहुंचा। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार मौजूद रहे। कड़ी सुरक्षा के बीच ग्राम प्रधान के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस बीच पुलिस अधिकारियों ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।