जांच में बहुत से लोगों के खिलाफ साक्ष्य मिले
हालांकि, मुकदमे में प्राथमिक तौर पर कोई आरोपी नहीं बनाया गया था। इस प्रकरण में ढाई साल से भी अधिक समय से जांच चल रही थी। अब बताया जा रहा है कि विजिलेंस ने जांच लगभग पूरी कर ली है। जल्द गिरफ्तारियां शुरू हो सकती हैं। एएसपी रेनू लोहानी ने बताया कि जांच में बहुत से लोगों के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं। जल्द पहली गिरफ्तारी की जाएगी।
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बहुत से साक्ष्य हो गए हैं नष्ट
अधिकारियों के मुताबिक, छह साल पहले यह परीक्षा हुई थी। ऐसे में कई साक्ष्य तो नष्ट भी हो गए। इनमें कॉल डिटेल को सबसे बड़ा साक्ष्य माना जाता है, लेकिन इतनी पुरानी कॉल डिटेल भी नहीं निकल पाई है। इसके अलावा तमाम इस तरह के साक्ष्य हैं, जो आयोग ने मांगने पर भी उपलब्ध नहीं कराए हैं। यही नहीं, उस वक्त के कई अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त भी हो गए हैं। ओएमआर शीट का मिलान करना भी मुश्किल रहा।