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Dehradun News: विक्रम संचालकों ने बैठाईं फुटकर सवारियां, आरटीओ का अल्टीमेटम

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संचालक बोले- विक्रम को बुक कर ले जाने का आदेश अव्यवहारिक
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माई सिटी रिपोर्टर
देहरादून। शहर में विक्रम संचालकों पर पहले दिन परिवहन विभाग की चेतावनी का कोई असर देखने को नहीं मिला। हर दिन की तरह विक्रम संचालकों ने फुटकर सवारियां बैठाईं। एक अप्रैल से महानगर में विक्रमों को कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट की शर्तों के अनुरूप चलना था। वहीं, आरटीओ ने विक्रम संचालकों को नियमों का पालन करने का अल्टीमेटम दिया है।
एक अप्रैल से आरटीए के आदेशों के अनुसार विक्रम वाहनों को परमिट की शर्तों का पूरी तरह से पालन करना, लेकिन पहले ही दिन विक्रम चालक सभी रूटों पर फुटकर सवारियां बैठाते देखे गए। विक्रम संचालकों ने कहा कि गैराज या किसी भी अन्य स्थान से विक्रम को बुक कर ले जाने का आदेश अव्यवहारिक है। इसे अमल में नहीं लाया जा सकता। उधर, परिवहन विभाग की टीमें चालकों को जगह-जगह चेताती रहीं, लेकिन इसका कोई असर नजर नहीं आया। विक्रम जनकल्याण सेवा समिति के सचिव संजय अरोड़ा का कहना है कि यह आदेश लागू किया गया है कि विक्रमों को बुक कर ले जाया जाए। इसके लिए व्यवस्था भी परिवहन विभाग को बनानी चाहिए।
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यात्रियों में रही भ्रम की स्थिति
सड़कों पर खड़े यात्री विक्रमों के संचालन को लेकर भ्रम की स्थिति में रहे। कई रूटों पर ऑटो और ई-रिक्शा के नहीं मिलने पर यात्री विक्रम से ही गंतव्य तक पहुंचे। विक्रम चालक विकास ने बताया कि पहली अप्रैल से विक्रम को फुटकर सवारियां नहीं बैठानी थीं, लेकिन फुटकर सवारी बैठाने के अलावा उनके सास कोई विकल्प नहीं है।
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परमिट की शर्तों के पालन का उद्देश्य शहर में प्रदूषण कम करना है। डीजल चलित वाहनों के फुटकर सवारियां बैठाने से यह जगह-जगह रुकेंगे। इससे प्रदूषण भी ज्यादा होगा। वहीं, बुकिंग कर संचालन से विक्रम दो जगह ही रुकेंगे। इसलिए इसका पालन सख्ती के साथ कराया जाना आवश्यक है। महानगर में अब सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ाया जाएगा। - सुनील शर्मा, आरटीओ, देहरादून
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