कोठारी की संपत्तियों की 30 को लगेगी बोली
बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई के शिकंजे में फंसे उद्योगपति विक्रम कोठारी की संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में यूनियन बैंक का करीब 464 करोड़ रुपये का कर्ज न चुकाने पर बैंक के पास बंधक देहरादून और उसके आसपास की संपत्तियों की नीलामी होगी। बोली लगाने के लिए 30 मई को दोपहर 11 से 12 बजे का समय निर्धारित किया गया है।
यूनियन बैंक करीब नौ महीना पहले उनकी 21 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल वाली संपत्तियां जब्त कर चुका है। बैंक ने इन संपत्तियों की बोली के लिए 463 करोड़ 95 लाख रुपये कीमत तय की है। 21 फरवरी को कोठारी की गिरफ्तारी के बाद बकाया कर्ज की वसूली की संभावनाएं पूरी तरह खत्म होने के बाद बैंकों ने उन्हें और अधिक मोहलत दिए जाने से इनकार कर दिया था।
इस पर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने बैंक के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल सीए अनिल गोयल को कोठारी की संपत्तियों की नीलामी की जिम्मेदारी सौंपी थी। सीए अनिल गोयल एक महीने से संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया में लगे थे। शनिवार को उन्होंने यूनियन बैंक में बंधक संपत्तियों की नीलामी की घोषणा कराई।
बिल्डर विश्वनाथ गुप्ता हैं पार्टनर
यूनियन बैंक देहरादून में जिन संपत्तियों की नीलामी करा रहा है, उनमें पार्टनर के तौर पर शहर के बिल्डर विश्वनाथ गुप्ता का भी नाम है। वे कोठारी की कंपनी रियलिटी रोटोमैक के पार्टनर बताए गए हैं। इसके अलावा जामनगर, गुजरात निवासी जुमाभाई हुसैन पतानी भी पार्टनर हैं। 464 करोड़ रुपये के कर्ज के एवज में तीनों की मिलीजुली संपत्तियां बंधक हैं।
ये संपत्तियां हैं बैंक के कब्जे में
इन्टास फार्मा के पीछे, सेलाकुई और दून, मौजा-धोरनखास, परवा दून- देहरादून में जमीन, फार्म हाउस आदि। इस पर मालिकाना हक विक्रम कोठारी की कंपनी मैसर्स रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड और बिल्डर विश्वनाथ गुप्ता की कंपनी मैसर्स डॉलफिन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड का संयुक्त रूप से है।