जौनसार बावर के लिए पर्यटकों और क्षेत्रवासियों की होने वाली आवाजाही मुश्किल और दुर्घटना की दृष्टि से खतरनाक है। बड़े दायरे में फैले जनजाति क्षेत्र में आने-जाने के लिए गिनती की रोडवेज बसें संचालित होती हैं। इनके संचालन का समय भी शायद हर किसी के लिए अनुपयुक्त ही है। यही कारण है कि दूसरे शहर, राज्यों से आने वाले पर्यटक व अन्य यात्रियों को विकासनगर में आकर जौनसार बावर के किसी पर्यटक स्थल या गांव तक जाने के लिए यात्री वाहन के लिए भटकना पड़ता है। इमरजेंसी में लोगों को लोडर वाहनों में बैठकर सफर करना पड़ता है।
जौनसार बावर का क्षेत्र पर्यटन और धार्मिक-ऐतिहासिक धरोहरों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। इसी प्रकार जौनसार क्षेत्र के रहने वाले ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरत व सरकारी कामकाज के सिलसिले में विकासनगर और देहरादून नियमित रूप से आवाजाही करनी पड़ती है। लोगों की आवाजाही विकासनगर तक तो सुविधायुक्त रहती है, लेकिन इससे आगे का सफर मुसीबतों से भरा होता है। इसका एक बड़ा कारण क्षेत्र में परिवहन निगम की बसों का सीमित संचालन है।
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Iधरोहर और पर्यटन के मामले में महत्वपूर्ण
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जौनसार बावर का क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक व पर्यटन के मामले में बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। त्यूणी के हनोल में महासू देवता का मंदिर, महेंद्रथ में बशिक महाराज का मंदिर, लाखामंडल स्थित पांडवकालीन मंदिर, गुफाएं व अन्य ऐतिहासिक धरोहर, चकराता का टाइगर फाॅल, हिल स्टेशन, कालसी का अशोक शिलालेख, प्राचीन मंदिर आदि बहुत से मंदिर और ऐतिहासिक धरोहरें क्षेत्र में स्थित हैं। यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक व तीर्थयात्री आते हैं।
Iत्यूणी तक दो और साहिया के लिए केवल एक बस
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विकासनगर/कालसी/चकराता/साहिया/त्यूणी। लगभग सौ किलोमीटर के दायरे में फैले जौनसार बावर की सीमांत त्यूणी तहसील के लिए मात्र दो बसों का संचालन देहरादून से होता है। इनमें से एक बस सुबह पांच बजे देहरादून से चलकर विकासनगर व चकराता होते हुए दोपहर एक बजे त्यूणी पहुंचती है। इसके बाद यही बस ग्रामीण क्षेत्रों से होते हुए सायं पांच बजे ग्राम कथियान पहुंचती है।
वहीं, दूसरी बस सुबह आठ बजे देहरादून से चलकर चकराता, त्यूणी होते हुए उत्तरकाशी जनपद के ग्राम झोटाड़ी गांव तक जाती है। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण चकराता से निगम की किसी बस का संचालन नहीं होता है। त्यूणी को आवाजाही करने वाली दो बसें ही चकराता से यात्रियों को सेवा प्रदान करती हैं। इसी प्रकार से क्षेत्र के साहिया से मात्र एक बस का संचालन सुबह सात बजे हरिद्वार के लिए होता है। यही बस वापस रात के सात-आठ बजे तक वापस साहिया पहुंचती है।
जौनसार बावर का मुख्यद्वार माने जाने वाले कालसी गेट से दो बसों का संचालन देहरादून के लिए होता है। बस सुबह सात और आठ बजे देहरादून के लिए प्रस्थान करती हैं और उसी दिन रात के समय वापस कालसी गेट पहुंचती हैं। रात्रि आठ बजे कालसी गेट से एक बस का संचालन दिल्ली के लिए होता है, जो विकासनगर, देहरादून होते हुए दिल्ली जाती है।
बस संचालन में समय का नहीं है कोई तालमेल
विकासनगर के व्यापारी संजय जैन, साहिया निवासी ज्ञान सिंह राय, बचन सिंह, चकराता निवासी बलबीर सिंह, त्यूणी निवासी कुंवर सिंह का कहना है कि जौनसार बावर में संचालित होने वाली बसों का समय के साथ कोई तालमेल नहीं है। यदि कोई बस किसी यात्री को क्षेत्र के किसी भी केंद्र पर छोड़ रही है तो उसकी वापसी के लिए कोई सुविधा नहीं है। बसों का संचालन इस प्रकार से होना चाहिए कि लोगों को आवाजाही में आसानी हो सके।
जौनसार बावर क्षेत्र में विभिन्न रूट पर रोडवेज बस की सुविधा मिल रही है। आने वाले समय में बसों और रूट की संख्या बढ़ाने जाने की तैयारी है। जल्द ही क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
सीपी कपूर, महाप्रबंधक, परिवहन निगम