हालांकि विधायक शहजाद से मुलाकात के बाद पूर्व सीएम विजय बहुगुणा ने यही कहा कि वे केवल शादी की शुभकामनाएं देने आए हैं। उनके शहजाद से पुराने संबंध रहे हैं।
उनकी आधा घंटे अलग कमरे में मोहम्मद शहजाद से क्या बात हुई, इस सवाल का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने इतना जरूर कहा कि महज भाजपा नेताओं के समारोह में आने के कारण शहजाद को बसपा से नहीं निष्कासित नहीं करना चाहिए था। इससे आपसी सामाजिक सरोकारों को धक्का लगा है। इससे साफ हो रहा है कि पूर्व सीएम के लिए शहजाद के लिए हमदर्दी है। लेकिन यह हमदर्दी आने वाले समय में क्या कोई गुल खिलाएगी, इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा।
वहीं शहजाद ने सवालों को जवाब देते हुए कहा कि मैं अपने रिश्तों के लिए पार्टी को अहमियत नहीं देता हूं। भले ही बसपा ने निष्कासित कर दिया है। लेकिन उन्हें कोई न कोई पार्टी मिल ही जाएगी। उन्होंने देहरादून में बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर अगले कदम के खुलासे की बात भी कही।